चार लोगों को थमाए रिकवरी के नोटिस
इस विवाद के बाद नगर पंचायत ने मंगलवार को योजना की पात्र सूची में शामिल चार लोगों को रिकवरी के नोटिस जारी किए। इनमें कस्बा निवासी सरिता पत्नी दीपक को भी नोटिस जारी किया गया। सूची में नाम आने के बाद उन्हें पहली किस्त जारी कर दी गई थी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डा. शैलेंद्र सिंह ने रिकवरी का नोटिस जारी करते हुए उन्हें अपात्र घोषित कर दिया।
कारण में उनका मकान दौराला सीमा से बाहर बताया गया है और तीन दिन में रिकवरी जमा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कस्बा निवासी एक अन्य व्यक्ति को बिना मकान बने दो किस्तों में दो लाख रुपये जारी कर दिए गए, जबकि सर्वे के बाद ही किस्ते खाते में भेजी जाती है। सर्वे किस तरह किया गया इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर का मुखिया विदेश में रहकर नौकरी करता है।
रिकवरी का नोटिस मिलते ही व्यक्ति की पत्नी ने बैंक जाकर तत्काल नगर पंचायत को किस्त के दो लाख रुपये वापस भेज दिए। वहीं, दो अन्य लोगों को भी रिकवरी के नोटिस जारी किए गए है। पीएम आवास योजना में पात्रों की सूची बनानेे से पहले सर्वे किया जाता है। इस सर्वे में डूडा, नगर पंचायत के कर्मचारी व तहसील से लेखपाल जांच करते है। ऐसे में सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं।
पात्रों को ही किया जाता है शामिल
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए पहले लोग फार्म भरते हैं। इसके बाद सर्वे कर जांच की जाती है। जांच में पात्र पाए जाने वाले लोगों को ही सूची में शामिल किया जाता है। जिन लोगों को रिकवरी के नोटिस जारी किए गए है। उनकी जांच लेखपाल द्वारा की गई थी। -डॉ. शैलेंद्र सिंह, नगर पंचायत दौराला