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मेरठ: पहले बना दिया पीएम आवास योजना का पात्र, किश्त पहुंच गईं तो अब भेज रहे रिकवरी का नोटिस

Wed, 29 Jul 2020 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रधानमंत्री आवास योजना
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प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों के नाम को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं। नया मामला मेरठ के दौराला नगर पंचायत का है। यहां चार लोगों को पात्र घोषित कर पहली किस्त जारी कर दी थी, लेकिन अब इन्हीं पात्रों को अपात्र घोषित कर रिकवरी नोटिस थमा दिए हैं। पहले भी पांच लोग रुपये लेकर सूची में नाम दर्ज करने का आरोप लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल उठ रहा है कि जब ये अपात्र थे तो सर्वे के दौरान इन्हें सूची में कैसे शामिल कर लिया गया।
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दौराला नगर पंचायत में कभी ठेकेदार को बिना हैसियत प्रमाण पत्र के ठेका दे दिया जाता है तो कभी निर्माण कार्य पूरा हुए बिना ही 90 प्रतिशत भुगतान कर दिया जाता है। नया मामला प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर है।

दरअसल, सोमवार को कस्बे के पांच व्यक्तियों इरशाद, शाकिर, वाजिद, महराज और मतलूब ने दौराला थाने में ईओ व एक सभासद के खिलाफ तहरीर देते हुए पैसे न देने पर प्रधानमंत्री आवास योजना की फाइनल किस्त रुकवाने का आरोप लगाया था। देर शाम नगर पंचायत ने इन लोगों को कार्यालय बुलाया गया।
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आरोप है कि यहां आरोपी को झूठा साबित कर उनसे जबरन तीन अन्य ग्रामीण और सभासद के खिलाफ तहरीर दिलाई गई, जबकि उनका तीन ग्रामीणों से कोई लेना देना नहीं है। मंगलवार को मतलूब व शाकिर ने दोबारा तहरीर देते हुए कहा कि उन पर दबाव बनाकर प्रार्थना पत्र लिखवाया गया था।
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चार लोगों को थमाए रिकवरी के नोटिस
इस विवाद के बाद नगर पंचायत ने मंगलवार को योजना की पात्र सूची में शामिल चार लोगों को रिकवरी के नोटिस जारी किए। इनमें कस्बा निवासी सरिता पत्नी दीपक को भी नोटिस जारी किया गया। सूची में नाम आने के बाद उन्हें पहली किस्त जारी कर दी गई थी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डा. शैलेंद्र सिंह ने रिकवरी का नोटिस जारी करते हुए उन्हें अपात्र घोषित कर दिया।

कारण में उनका मकान दौराला सीमा से बाहर बताया गया है और तीन दिन में रिकवरी जमा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कस्बा निवासी एक अन्य व्यक्ति को बिना मकान बने दो किस्तों में दो लाख रुपये जारी कर दिए गए, जबकि सर्वे के बाद ही किस्ते खाते में भेजी जाती है। सर्वे किस तरह किया गया इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर का मुखिया विदेश में रहकर नौकरी करता है।

रिकवरी का नोटिस मिलते ही व्यक्ति की पत्नी ने बैंक जाकर तत्काल नगर पंचायत को किस्त के दो लाख रुपये वापस भेज दिए। वहीं, दो अन्य लोगों को भी रिकवरी के नोटिस जारी किए गए है। पीएम आवास योजना में पात्रों की सूची बनानेे से पहले सर्वे किया जाता है। इस सर्वे में डूडा, नगर पंचायत के कर्मचारी व तहसील से लेखपाल जांच करते है। ऐसे में सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं।

पात्रों को ही किया जाता है शामिल
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए पहले लोग फार्म भरते हैं। इसके बाद सर्वे कर जांच की जाती है। जांच में पात्र पाए जाने वाले लोगों को ही सूची में शामिल किया जाता है। जिन लोगों को रिकवरी के नोटिस जारी किए गए है। उनकी जांच लेखपाल द्वारा की गई थी। -डॉ. शैलेंद्र सिंह, नगर पंचायत दौराला
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