एनकाउंटर में नईम ढेर खबर संबंधित पैकेज...
दिन में ही खरीद ली थी लोहे की रॉड, रात का था दोनों को इंतजार
परिवार के पांच लोगों की हत्या की कहानी, हत्यारोपी सलमान की जुबानी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सुहेल गार्डन में परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या को किस तरह अंजाम दिया है, इसका घटनाक्रम हत्यारोपी सलमान ने पुलिस को बताया। आठ जनवरी को मोईन अपने निर्माणाधीन मकान पर लिंटर डालने में व्यस्त था और उसका सौतेला भाई नईम ने साथी सलमान को साथ लेकर हत्याकांड के लिए बाजार से लोहे की रॉड खरीदी। दिनभर हत्यारोपी घूमते रहे और रात 8:30 बजे ही मोईन के घर पहुंच गए। दिन में कामकाज करके पत्नी आसमा अपनी तीनों बेटियों के साथ सो गई थी।
नईम और सलमान ने पहले मोईन से चाय बनवाकर पी। उधार का पैसा कब लौटाएगा, इसको लेकर बातचीत शुरू की। मोईन ने घर को पूरा करने की बात कही। जिस पर नईम नाराज होकर घर से बाहर आ गया था। सलमान और मोईन की बात होने का सिलसिला जारी रहा। पांच मिनट बाद नईम लोहे की रॉड लेकर घर में फिर से अंदर आया और मोईन के सिर पर प्रहार कर दिया। चीख सुनकर आसमा की आंख खुल गई और चिल्लाई की क्या कर रहे हो। तभी नईम ने दूसरा प्रहार आसमा के सिर पर कर दिया। दंपति लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए। दोनों हत्यारोपी मकान से बाहर आए। बड़ी बेटी अक्शा मकान में अंदर रो रही थी। तभी सलमान अकेला मकान में घुस गया और उसने बेटी अक्शा के बदसलूकी की।
रोने की आवाज तेज आने लगी, तभी नईम भी घर में अंदर पहुंचा। दोनों ने तीनों बेटियों की गला दबाकर हत्या कर दी। दंपती की मौत हुई है या नहीं, इसकी तसल्ली करने के लिए भी रात 8:30 बजे से सुबह 6:00 बजे तक दोनों हत्यारोपी मोईन के घर पर रहे। सलमान ने पुलिस को बताया कि लोहे की रॉड से प्रहार करने के बाद गले पर भी धारदार हथियार चलाया है, ताकि कोई भी जिंदा न बचे। घर का सामान क्षतिग्रस्त कर दोनों हत्यारोपियों ने जेवरात और नकदी भी ढूंढी। वारदात के बाद सुबह 6:15 बजे नईम अपने भाई तसलीम के घर पर पहुंचा। दोनों सुबह करीब 9:00 लिसाड़ीगेट से दिल्ली के लिए निकल गए। ब्रह्मपुरी में नईम ने अपने एक दोस्त को लोहे की रॉड और अन्य सामान से भरा बैग भी दिया था।
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पुलिस की गाड़ियों के सायरन और गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजी मदीना कॉलोनी
सुबह होते ही कोई अप्रिय घटना की आशंका को लेकर लोगों में फैली दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुबह करीब चार बजे मदीना कॉलोनी के लोग गहरी नींद में थे। तभी पुलिस की गाड़ियों के सायरन सन्नाटे को चीरने लगे। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास का इलाका गूंजने लगा। इससे लोगों में कोई अप्रिय घटना की आशंका को लेकर दहशत फैल गई। वह घरों से बाहर निकलने की हिम्मत भी जुटा पाए। एक-दूसरे को फोन कर बाहर के घटनाक्रम की जानकारी लेने का प्रयास लोग करने लगे। उजाला होने पर पुलिस मुठभेड़ में नईम के ढेर होने की जानकारी मिली।
पुलिस कई दिनों से नईम और सलमान को तलाश कर रही थी। शनिवार सुबह दोनों के मदीना कॉलोनी आने की सूचना मिली तो सीओ आशुतोष कुमार के साथ लिसाड़ी गेट और लोहियानगर थाने की पुलिस के साथ स्वाट, सर्विलांस और एएचटीयू टीम दोनों की घेराबंदी में लग गई। कुछ देर बाद ही मदीना कॉलोनी में पुलिस की गाड़ियों के सायरन गूंजे तो लोगों की नींद खुली। लोगों ने घरों से बाहर आकर पुलिस के आने का कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके कुछ देर बाद ही गोलियों की आवाज आने लगी। सूरज निकलने के बाद सड़कों पर आवाजाही बढ़ी तो पूरे मामले का पता चला।
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आरोपी को मिली करतूत की सजा
दिन चढ़ने के साथ ही मुठभेड़ में नईम के मारे जाने की सूचना शहर में फैलती रही। आसपास के लोग मौके पर एकत्र होने लगे। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दूर जाने के निर्देश दिए। नईम के मारे जाने की जानकारी जिसे भी मिली, उसने यही कहा कि आरोपी के साथ सही हुआ, उसे अपनी करतूत की सजा मिल गई। पूरे परिवार के निर्मम हत्याकांड को अंजाम देने वाले के साथ ऐसा ही होना चाहिए था। इससे ऐसी वारदातों को अंजाम देने वालों को कुछ सबक जरूर मिलेगा।
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गुमराह करने के लिए मुजफ्फरनगर में ऑन किया मोबाइल
शातिर नईम अपने सौतेले भाई मोईन और भाभी आसमा का मोबाइल लेकर गया था। दोनों ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर मोबाइल ऑन किया, ताकि लोकेशन पुलिस वहीं की मिले और पुलिस उत्तराखंड या रुड़की में ढूंढने जाए। जबकि मुजफ्फरनगर से दोनों आरोपी वापस नोएडा के रास्ते से दिल्ली चले गए थे। नईम करीब 25 साल से हत्याओं की वारदात को अंजाम दे रहा है और पुलिस को चकमा दे रहा था। इस बार भी नईम ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था।
सभी भाइयों पर नईम तांत्रिक का पैसा बकाया
नईम के सात भाई और तीन बहन हैं। सलमान के मुताबिक नईम मालेगांव में टॉइल्स की ठेेकेदारी करता था, जिसमें उसने काफी पैसा भी कमाया। जिसके चलते नईम ने अपने भाइयों को 8-8 और 10-10 लाख रुपया उधार दिया हुआ था। वह अपने भाइयों से पैसा मांगता था, जिस पर वह आर्थिक तंगी बताकर पल्ला झाड़ देते थे। मोईन घर बनाने के साथ-साथ प्लाॅट खरीद रहा है। इसको लेकर वह रंजिश रखने लगा।
कोविड के बाद से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था नईम
एसएसपी ने बताया कि कोविड के बाद से आर्थिक तंगी से नईम जूझ रहा था। नईम को अपना महाराष्ट्र के मालेगांव का मकान भी बेचना पड़ गया। वह अपने उधार दिए पांच लाख रुपये मांगने के लिए मोईन पर लगातार दबाव बना रहा था। जब मोईन रुड़की से मेरठ शिफ्ट हुआ और अपने मकान का निर्माण कार्य कराया तो नईम को लगा कि अब उसके पैसे नहीं मिलेंगे। जिसके बाद उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड में भी नईम ने हत्याएं कीं
तीनों राज्यों में मेरठ पुलिस ने नईम तांत्रिक की अपराध की कुंडली खंगाली
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि परिवार के पांच लोगों की हत्या करने वाला नईम तांत्रिक महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड में भी हत्याएं कर चुका है। 2007 में महाराष्ट्र के मुंब्रा इलाके में दो कारोबारी शादाब और असद निवासी आजमगढ़ की हत्या की। दिल्ली में एक रिश्तेदार और उत्तराखंड में एक युवक की हत्या कर शव को फेंकना बताया है। हत्याएं करता और दूसरे राज्य में नाम बदलकर रहने लगा। वो पत्नी भी बदलने में माहिर था। 15 साल से नईम के साथ रहे सलमान ने पुलिस ने उसके अपराध की जानकारी दी है। पुलिस ने तीनों राज्यों में भी नईम के अपराध की कुंडली खंगाली है। आरोपी नईम को एक बार भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। नईम का अपराध में परिवार के कई लोग भी साजिशकर्ता है।
मेरठ..कंवलजीत..पांच हत्याकांड करने वाले आरोपियों के खुलासे को लेकर पुलिस लाइन में एसएसपी ने की