सिंचाई संघ के कार्यालय में आग की घटना ने दी विवादों को हवा
मेरठ। सिंचाई संघ कार्यालय में आग की घटना ने रार बढ़ा दी है तो कर्मचारी नेताओं ने एक-दूसरे को फर्जी ठहराते हुए सिंचाई विभाग की पोल खोलनी शुरू कर दी है। एक नेता ने जहां उखलासरी नाले की 30 करोड़ की भूमि पर कब्जे का खुलासा किया तो पक्षपातपूर्ण कार्रवाई होने पर दिल्ली का पानी बंद करने की चेतावनी दे दी। दूसरे नेता ने पलटवार किया कि ये लोग रजबहे और माइनर की भूमि पर कब्जे कराने में शामिल रहे हैं। इनमें अफसरों की भी भूमिका है।
मंगलवार को सिंचाई संघ उप्र स्थानीय शाखा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनय त्यागी ने संघ कार्यालय के बाहर पदाधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि सींचपाल विनय कुमार संघ का अध्यक्ष नहीं है। बल्कि स्वयंभू अध्यक्ष बना है। विनय कुमार ने ही संघ कार्यालय में आग लगायी। कर्मचारियों को फंसाने के लिए झूठी तहरीर थाने पर दी है। विनय त्यागी ने चेतावनी दी कि अगर निर्दोष कर्मचारियों के साथ पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की गयी तो मुरादनगर रेगुलेटर से दिल्ली को दिया जाने वाला पानी बंद कर दिया जाएगा।
विनय त्यागी ने आरोप लगाया कि मुरादनगर झील से निकलने वाले उखलासरी नाले पर कब्जा कराया गया। भूमि लगभग 32 बिस्वा है। जिसकी कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है। इसकी शिकायत मुरादनगर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सतपाल चौधरी ने की थी। लेकिन सपा सरकार के मंत्री आशु मलिक ने मामले को दबा दिया था। फिर से उसकी शिकायत के भय से सिंचाई विभाग के अधिकारी, सींचपाल विनय कुमार मुरादनगर से संघ कार्यालय नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को नहीं दिला रहे हैँ। सींचपाल को स्टे लेने का समय दिया जा रहा है। बैठक में मंत्री पंकज सिंह, बिजेंद्र सिंह, मुकेश चौधरी, सुरेंद्र कुमार, सोनू निसाद आदि मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता भी मिले हैं इनके साथ
सिंचाई संघ उप्र स्थानीय शाखा के अध्यक्ष विनय कुमार ने आरोप लगाया कि विनय त्यागी अवैध संघ के अध्यक्ष और पंकज मंत्री बने हुए हैं। असली संघ का अध्यक्ष मैं हूं, इसलिए संघ अध्यक्ष की हैसियत से अधिशासी अभियंता के साथ पत्राचार करता हूं। अगर उनके पास अधिकारियों से पत्राचार का कोई रिकॉर्ड है तो सार्वजनिक करें। ये लोग सिंचाई संघ को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता भी इनके साथ मिले हैं। जिले में रजबहे और माइनरों की भूमि पर कब्जा कराने में ये फर्जी लोग शामिल हैं। भोला झाल पर सरकारी जमीन पर त्यागी होटल चलवा रखा है। अधिशासी अभियंता भी होटल पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मैंने जो रजबहे और माइनरों पर अवैध कब्जों का खुलासा करना शुरू किया तो अधिकारियों ने मेरी आवाज दबाने के लिए कर्मचारियों का नया गुट खड़ा कर दिया है।
एक दूसरे को फर्जी ठहराने की होड़
सिंचाई संघ उप्र स्थानीय शाखा की दोनों कार्यकारिणी को अधिशासी अभियंता भले ही अवैध मानते हों। लेकिन कर्मचारी नेताओं की दावेदारी अभी खत्म नहीं हो रही है। दोनों पक्ष जहां कार्यालय पर कब्जा जमाने में जुटे हैं। वहीं स्वयं को पदाधिकारी घोषित करने में जुटे हैं। उधर, विभाग संघ कार्यालय को सरकारी संपत्ति बताते हुए बंद कराने की तैयारी में है।