खरखौदा(मेरठ)। फफूंड़ा पीएचसी पर तैनात सात आशाओं ने एएनएम पर गाली गलौच और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया। इसके बाद सभी आशाएं हड़ताल पर चली गईं। आशाओं ने अधिकारियों से शिकायत कर एएनएम के स्थानांतरण के बाद ही काम पर लौटने की बात कही। ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य ने भी एएनएम को हटाने की मांग की।
भूड़बराल सीएचसी के अंतर्गत आने वाली गांव फफूंड़ा पीएचसी में मधुबाला, पारुल, रीना, रैनू, राजेंद्री, सीमा और सुंदरी आशाएं हैं। वहीं एएनएम मीनाक्षी तोमर भी तैनात है। आशाओं का आरोप है कि एएनएम उनसे हमेशा अभद्र व्यवहार करती हैं। उनके कागजों पर हस्ताक्षर भी नहीं करती। वहीं जब वे विरोध करती है तो एएनएम उनसे गाली गलौज और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करती है। तीन माह से उनके साथ ऐसा ही व्यवहार किया जा रहा है। मामले में आशाओं ने प्रधान ललित व जिला पंचायत सदस्य कुसुम प्रधान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। वहीं आशाओं ने एएनएम के स्थानांतरण न होने तक काम करने से इनकार कर दिया। इस मामले में आशाओं ने शिकायत सीएचसी प्रभारी सहित सभी अधिकारियों को दी है। वहीं इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. आशुतोष ने बताया कि आशाओं का शिकायती पत्र सीएमओ को भेज दिया है। वहीं सीएमओ राजकुमार ने कहा कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।