रात्रि लगभग 1 बजे के करीब अचानक आग लग जाने के कारण लकड़ी से बने सामान, उपकरण, मोटर जनरेटर इत्यादि जलकर स्वाहा हो गये।
सचिन ने बताया कि जैसे उसे पडौसियों द्वारा सूचित किया गया कि उसके कारखाने में आग लग गयी है तो वह तुरंत परिजनों संग मौके पर पहुंचा और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस भी कुछ देर बाद मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया तो फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाडियां भी आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच गयी लेकिन आग इनकी भयंकर थी कि आग पर घंटों मशक्कत करने के बाद ही काबू पाया गया। लेकिन तब तक उसका करीब 15-20 लाख रूपये का सामान जलकर स्वाहा हो गया।
सचिन पालीवाल ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि कारखाने की दीवारें तक फट गयी और सीढियां टूटकर नीचे गिर गयी। उसने यह भी बताया कि कारखाने में जो भी सामान रखा हुआ था वह सब जलकर राख हो गया।
सचिन ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं है लेकिन उन्हें शक है कि यह आग शार्ट सर्किट से न लगकर किसी के अज्ञात व्यक्ति के द्वारा लगायी गयी है जो उसे हानि पहुंचाना चाहता है।
पुलिस को दिये प्रार्थना पत्र में सचिन पालीवाल ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की मांग करते उन्हें आर्थिक मुआवजा भी दिलाये जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बड़ी मुश्किल से उसने मेहनत करके अपना कारखाना तैयार किया था जिसके सदमे से वह उबर नहीं पा रहा है। कारखाने में आग लगने के कारण परिवार में कोहराम मचा हुआ है।