दौराला- सुपरवाइजर सुमित का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
पुलिस बोली- जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। जानी के किठौली गांव के रहने वाले डेडिकेटड फ्रेट कॉरिडोर में सुपरवाइजर सुमित द्वारा आत्महत्या करने के तीन दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। परिजनों ने सुमित का अंतिम संस्कार कर दिया है। परिजनों में युवती के प्रति गुस्सा है। उनका कहना है कि वह भी उनके बेटे की तरह तड़पेगी।
सुमित का चार साल पहले एक युवती से प्रेम प्रसंग हो गया था। दो साल बाद ही उसने सुमित के खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके बाद सुमित छह माह तक जेल में भी रहा। जमानत पर आने के बाद वह न्यू सकौती रेलवे स्टेशन पर सुपरवाइजर की नौकरी करने लगा। वह प्रेमिका को कॉल कर मनाने का प्रयास करता रहता था। रविवार देर रात प्रेमिका को कॉल करने के बाद उसने आत्महत्या कर ली थी। सुमित के आत्महत्या करने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
पिता कृष्णपाल, भाई धीरज, दीपक, बहन प्रियंका व मां सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि युवती लगातार सुमित को ब्लैकमेल कर रही थी। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान था। उन्होंने जमानत के लिए फैसले में पैसे भी दिए थे लेकिन युवती उसे परेशान करती रही। उनका बेटा तड़प-तड़पकर मरा है। ऐसे ही युवती भी तड़पेगी। भाई धीरज का कहना है कि युवती उसे भी फंसाना चाहती थी। इस कारण सुमित उनसे अलग रहने लगा था ताकि उसके परिवार को कोई परेशानी न हो। उन्हें क्या पता था कि अलग रहने के बाद वह जीवनभर के लिए अपने भाई को खो देंगे।
सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।