स्मार्ट शहरों की सूची में मेरठ के शामिल होने की फिर से आस जग गई है। शनिवार को लखनऊ में हुई बैठक में पुराने प्रपोजल पर मंथन किया गया। कमेटी ने नया प्रपोजल बनाने के निर्देश दिए हैं। एक साल में हुए विकास कार्यों को इसमें जोड़ा जाएगा। स्मार्ट सिटी के लिए कुछ तथ्यों पर फिर से वोटिंग भी हो सकती है। इससे मेरठ का दावा और भी मजबूत होगा। दो माह बाद प्रपोजल राज्य और केंद्र सरकार के पास जमा करना होगा। मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल में स्मार्ट शहरों की सूची जारी होगी।
बैठक में नगर निगम के अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन, कंसलटेंट बीके पटेल और रिजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज के अपर निदेशक अवधेश कुमार गुप्ता मौजूद रहे। पुराने प्रपोजल और पिछले एक साल में निगम द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की गई। पुराने प्रपोजल में शामिल जनता की वोटिंग और कंसलटेंट की रिपोर्ट को भी सराहा गया।
वित्तीय प्रणाली को माना कमजोर
स्मार्ट सिटी सेल के अधिकारियों ने नगर निगम की वित्तीय प्रणाली को कमजोर माना है। सेल के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि वह दो माह में इसे मजबूत करें। स्मार्ट सिटी के मुख्य बिंदु में वित्तीय प्रणाली का अच्छा होना जरूरी है। वित्तीय प्रणाली से मतलब निगम की आय और व्यय का हिसाब ऑनलाइन होना चाहिए।
नए प्रपोजल में ये होंगे शामिल
इलेक्ट्रॉनिक्स रूप से सक्षम परियोजना वार म्यूनिसिपल बजट व्यय सूचना जारी है।
कूड़ा निस्तारण प्लांट का शिलान्यास, छह माह के भीतर कंपोस्ट खाद बनना होगा शुरू।
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत शहर में डाली गई गंगाजल परियोजना चालू हो चुकी है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी चालू।
एलईडी लाइट का भी कंपनी से हुआ अनुबंध।
तीन वित्तीय वर्षों के दौरान आंतरिक रूप से सृजित राजस्व में हुआ सुधार।
निगम की आय और व्यय का ऑडिट होना। नए मुख्य नगर लेखा परीक्षक की हो चुकी है नियुक्ति।
शुल्क और प्रयोक्ता प्रभारों से किराया, अन्य आंतरिक राजस्व स्रोतों के अंशदान का प्रतिशत कर राजस्व कार्य में हो चुकी है प्रगति।
2011 की जनगणना के आधार पर हर घर में शौचालयों का युद्ध स्तर पर चल रहा है कार्य।
अमृत योजना के तहत शहर के अन्य इलाकों में भी पानी और सीवर लाइन डाले जाने की तैयारी।
माई जीओवी पर कर सकेंगे वोटिंग
स्मार्ट सिटी के लिए अभी भी शहर की जनता माय जीओवी डॉट इन पर वोटिंग कर सकेगी। हालांकि इसमें यह भी बताया गया है कि पूर्व में महानगर की जनता टारगेट के मुताबिक वोटिंग कर चुकी है। अगर भारत सरकार स्मार्ट सिटी के बिंदुओं में कुछ परिवर्तन करती है तभी वोटिंग करनी होगी।
पिछले साल इन बिंदुओं पर की थी एसएमएस से वोटिंग
1. क्या आपको लगता है कि शहर की ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा दिया जाना चाहिए?
2. क्या आपको लगता है कि आपके शहर में शिक्षा का स्तर ठीक है?
3. क्या आप शहर में विकास होने की स्थिति में अधिक चार्ज देने के लिए तैयार हैं?
4. क्या आपको लगता है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था अनियोजित विकास की वजह से है?
5. क्या आप शहर की मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी, कूड़ा निस्तारण आदि से संतुष्ट हैं?
6. क्या आपको लगता है कि शहर में ज्वेलरी, कैंची उद्योग, कपड़ा उद्योग, खाद आदि की व्यवस्था से संतुष्ट हैं?
ये बिंदु थे ऑफलाइन वोटिंग में
1. क्या आप अपने शहर की पहचान, जीवंत और रहने योग्य शहर के साथ साथ विरासत मूल्य के रूप में करना चाहते हैं?
2. कौन सी आर्थिक गतिविधि मेरठ शहर के लिए महत्वपूर्ण है?
- खेल और संगीत उपकरण, सोने के आभूषण, वस्त्र उद्योग, लघु और कुटीर उद्योग
- पर्यटन सहित विरासत और संस्कृति आधारित पर्यटन, ट्रांसपोर्ट, सेवा क्षेत्र।
3. निमभनलिखित में से जो सबसे अधिक विषय में स्वस्थ और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए, जिसपर मेरठ सरकार का ध्यान केन्द्रित करना चाहिए?
- ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रण करना, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना।
- जल प्रदूषण को नियंत्रण करना, नियंत्रण भूमि प्रदूषण, हरित पट्टी स्थान में सुधार।
4. आप के अनुसार मेरठ रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्या सुधार की आवश्यकता है?
- सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग स्थल, साइकिल गलियारे, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटस, समर्पित पैदल रास्ते,
- स्मार्ट चिह्न और संकेत, अतिक्रमण मुक्त सड़क लेन।
5. मेरठ को स्मार्ट सिटी में बदलने के लिए उच्च प्राथमिकता में जरूरी री सुविधा का चयन करें?
- जल आपूर्ति, स्मार्ट शिक्षा, स्मार्ट स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा, स्मार्ट गवर्नेंस-ई और एम गवर्नेंस,
- सुरक्षित सड़कों की निगरानी प्रणाली, एकीकृत जन परिवहन और स्मार्ट गतिशीलता, स्मार्ट मनोरंजन स्थान,
- आईसीटी माध्यम के आधार से लोकसेवा वितरण का स्मार्ट समाधान, आपदा रहित शहर,
- सभी के लिए किफायती आवास, स्मार्ट ग्रिड स्मार्ट मीटर, स्मार्ट मीटर, स्मार्ट उपकरण, अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा कुशल समाधान,
6. क्षेत्र के आधार पर विकास के लिए सबसे उपयुक्त साइट के लिए वोट करें?
- साइट नं. एक- बागपत अड्डा चौराहा, मकबरा डिग्गी, जली कोठी, बच्चा पार्क, इंदिरा चौक, वैली बाजार चौराहा, पुरानी दिल्ली चुंगी, बागपत अड्डा चौराहा इनर एरिया।
- साइट नं.दो, - थाना ब्रह्मपुरी, शारदा रोड, देहली रोड, सरस्वती लोक रोड, लिसाड़ी रोड, लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी इनर एरिया।
- साइट नं. तीन, बुढ़ाना गेट पुलिस चौकी, इंदिरा चौक, हापुड़ अड्डा चौराहा, नई सड़क, गोल मंदिर, कमेला पुलिस चौकी, लिसाड़ी चौराहा, बुढ़ाना गेट पुलिस चौकी इनर एरिया।
- साइट नं. चार, समस्त क्षेत्र के विकास के लिए,
ये है स्मार्ट सिटी के प्रपोजल में शामिल
1. रेट्रोफिटिंग के लिए प्रपोजल में पुराने शहर का प्रस्ताव
- पुराने शहर का 1200 एकड़ क्षेत्र में होगा रेट्रोफिटिंग
- अंडरग्राउंड होगी बिजली, पानी और ड्रीनेज लाइन
- सुरक्षा की दृष्टि से लगेंगे कैमरे
- इस क्षेत्र में आने वाले पार्क होंगे डेवलप
- जगह जगह बनेंगी मल्टीलेवल पार्किंग
- पाइप लाइन में लगेंगे मीटर
- शहर के मार्गों पर लगेंगी एलईडी लाइट
- स्कूल कॉलेजों में लगेंगे सोलर लाइट
- सभी चौराहे होंगे चौड़े और सौंदर्यीकरण
- कई जोन होंगे वाहन फ्री, पैदल जोन होगी
- सड़क पर नहीं दिखाई देंगे खोखे, ठेले
- सड़कों को किया जाएगा पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त
रेट्रोफिटिंग में यह आएगा शहर का हिस्सा
घंटाघर, शहर सर्राफा, लाला का बाजार, खैरनगर, भूमियापुल से अंजुम पैलेस, हापुड़ अड्डा चौराहा, इंदिरा चौक, बच्चा पार्क, जली कोठी, नगर निगम, जैन नगर, मकबरा डिग्गी, दिल्ली रोड बागपत पुराना बस अड्डा आदि इलाके शामिल किए गए हैं।
2. पेन सिटी
- पेन सिटी में पूरे शहर को लिया गया है। यानी इसके अंतर्गत ऐसी सुविधा दी जाएंगी जिसका लाभ पूरे शहर की जनता को मिले।
- ई- गवर्नेंस सेवा नगर निगम में शुरू की जाएगी। इस सेवा के माध्यम से पूरे शहर की जनता जहां अपनी किसी भी समस्या की शिकायत घर बैठे ही दर्ज करा सकेगी वहीं अपने समस्या के समाधान से लेकर किसी भी प्रकार की जानकारी घर बैठे ही अपने कंप्यूटर के माध्यम से जान सकेगी। इतना ही नहीं सूचना के अधिकार के तहत कोई भी सूचना ऑनलाइन मांगी जा सकेगी। नगर निगम प्रशासन अपने इस सेवा का लिंक अन्य दूसरे विभागों से भी जोड़गा। ताकी जनता को अधिक से अधिक सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
- ट्रांसपोर्टेशन के अंतर्गत शहर के प्रत्येक इलाके में सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। सभी सड़कें अतिक्रमण मुक्त होंगी। 30 फीट चौड़ी प्रत्येक सड़क किनारे फुटपाथ बनाया जाएगा। पूरे शहर के चौराहों को चौड़ा और सुंदर बनाया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। रिक्शा, थ्री-व्हीलर और बस स्टैंड स्थाई होंगे। सड़कों पर किसी को भी अतिक्रमण करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।