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वित्तविहीन शिक्षकों ने किया मूल्यांकन का बहिष्कार

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मेरठ। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया है। उनका कहना है कि जब तक लॉकडाउन रहेगा वह मूल्यांकन नहीं करेंगे। इस संबंध में माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने एक पत्र भी जारी किया है। मेरठ में 1500 वित्तविहीन शिक्षक हैं।
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यूपी बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 5 मई से शुरू हो रहा है, जो 25 मई तक चलेगा। मेरठ रेड जोन में हैं। ऐसे मूल्यांकन को लेकर परीक्षकों में खलबली है। क्योंकि इससे पहले भी जब मूल्यांकन शुरू हुआ था तब भी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क, ग्लब्ज पहनने की हिदायत थी, मगर पालन नहीं किया जा रहा था। महासभा के अध्यक्ष अशोक कुमार राठौर ने पत्र में लिखा है कि लॉकडाउन के बाद भी शिक्षकों के लिए मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था करनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना होगा, तभी मूल्यांकन किया जा सकेगा। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि शासन के जो निर्देश है उसका अनुपालन कराया जाएगा। 5 मई से मूल्यांकन शुरू कर 25 मई तक उसको समाप्त किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। मास्क, ग्लव्ज पहने जाएंगे, सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाएगा। एक-एक मीटर की दूरी पर परीक्षक बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। लॉक डाउन से पहले मेरठ में दो दिन मूल्यांकलन हुआ भी था। फिर रोक लग गयी थी। पांचों केंद्रों पर 53 हजार कॉपियां जांची गईं थी। जिले में 5 मूल्यांकन केंद्र हैं, जिनमें जीआईसी, एसडी सदर, सेंट जोजफ, राम सहाय इंटर कॉलेज और केके इंटर कॉलेज हैं। यहां कुल 6 लाख 10 हजार 534 कॉपियों का मूल्यांकन होगा।
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