दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 6 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी, जबकि इन पर सुनवाई का अंतिम दिन 27 मार्च था। इस दौरान सबसे अधिक नोटिस शहर, दक्षिण और कैंट विधानसभा क्षेत्रों में जारी किए गए। वहीं किठौर, सिवालखास, हस्तिनापुर और सरधना विधानसभा क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम आपत्तियां दर्ज हुईं।
जारी किए गए कुल नोटिसों में से लगभग 3.73 लाख मतदाताओं के नाम बेमेल पाए गए, जबकि 2.75 लाख नामों का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मानचित्रण नहीं हो पाया था।
पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म-6 भरकर नए मतदाता बनने वालों की संख्या करीब दो लाख बताई जा रही है। हालांकि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या कितनी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मेरठ जनपद में कुल कितने मतदाता दर्ज हैं।