पीड़िता और दरोगा का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें दरोगा अश्लील बातें कर रहा था। यह मामला एसएसपी के सामने पहुंचा। कई बार महिला ने दरोगा से जान का खतरा बताकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड करके विभागीय जांच बैठा दी थी। सोमवार को दरोगा पुलिस ऑफिस में एक फाइल लेकर वर्दी में हस्ताक्षर कराने पहुंच गए। दरोगा को देखकर दुष्कर्म के मुकदमे की जानकारी ली गई, जिसमें पता चला कि दरोगा पर दर्ज मुकदमे में एफआर लग गई है। जिसके बाद उसको बहाल किया गया है।
महिला ने पक्ष में दिए बयान
महिला ने दरोगा के पक्ष में कोर्ट में बयान दिए हैं, जिसके बाद मुकदमे में एफआर लगी है। ऑडियो को भी महिला ने फर्जी बताया है। दरोगा के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं। - अजय साहनी, एसएसपी