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मेरठ में कोरोना से पांचवी मौत, केसरगंज के किराना दुकानदार की मृत्यु के बाद पाॅजिटिव आई रिपोर्ट, लंबी हो सकती है संक्रमण की चेन

Sun, 26 Apr 2020 12:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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medical meerut , coronavirus - फोटो : amar ujala
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मेरठ में कोरोना वायरस से रविवार को पांचवीं मौत हो गई। केसरगंज के किराना दुकानदार विजय गर्ग (65) कोरोना पॉजिटिव आए हैं। उनकी शनिवार को मौत हो गयी थी। रिपोर्ट रविवार को आई है।प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ आरसी गुप्ता और सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसकी पुष्टि की है। इससे हडक़ंप मच गया है। इनकी चेन लम्बी बन सकती है। 
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एक तरफ तो स्वास्थ्य विभाग जिले में इस कवायद में जुटा हुआ है कि जिले में कोरोना का प्रकोप रोका जाए। वहीं दूसरी तरफ कोरोना जैसे लक्षण होने के बाद भी 4 दिन से एक बुजुर्ग को टहलाते रहे। जबकि परिजन बुजुर्ग को लेकर कभी मेडिकल तो कभी जिला अस्पताल के बीच चक्कर लगाते रहे।  

परिजन जब पीड़ित लेकर मेडिकल पहुंचे और वहां पर चिकित्सकों से जबरदस्ती की तब मरीज को भर्ती किया गया। लेकिन शनिवार को मरीज की मौत हो गई। मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से नाराज  इसी बीच मृतक के भांजे ने एक वीडियो वायरल किया है। उसने स्वास्थ्य विभाग और मेरठ प्रशासन पर सरासर लापरवाही का आरोप लगाया। 
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उनके भांजे राजन सिंघल का शाम को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरोना जैसे लक्षण होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज में उन्हें भर्ती करने में आनाकानी की गई।

उन्होंने पहले सीएमओ और फिर डीएम को इसके बारे में अवगत कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस में मंगलवार रात को इन्हें मेडिकल ले जाती है। लेकिन रात में ही दवाई देकर इन्हें इनकी पत्नी के साथ वहां से भेज दिया जाता है। रात डेढ़ बजे यह घर पहुंचते हैं।

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके घर आती है और इनका सैंपल लिए जाता है। यह अपनी रिपोर्ट पता करते हैं तो इन्हें कोई जवाब नहीं दिया जाता। बृहस्पतिवार को इनकी तबीयत ज्यादा खराब होती है तो यह खुद ही मेडिकल पहुंच जाते हैं। फिर भी इन्हें भर्ती करने से मना कर दिया जाता है। लेकिन अचानक इन्हें लकवा पड़ जाता है तो इन्हें भर्ती कर लिया जाता है।

भतीजे के मुताबिक शाम को इनके घर वाले जब फोन करते हैं तो इन्हें बताया जाता है कि उनकी मृत्यु हो गई है। इनकी कोरोना की रिपोर्ट के बारे में पता करते हैं तो कहा जाता है कि अभी रिपोर्ट नहीं आई है।

परिजन परेशान हैं कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो क्या होगा। परिजन सवाल कर रहे थे कि जो सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को लेकर गई थी, वह सैंपल कहां है, उसकी रिपोर्ट क्यों नहीं आई।
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