10वीं में 10 सीजीपीए लेने वाले छात्रों की असली परीक्षा अगली कक्षा में होगी। 11वीं में उन्हें स्ट्रीम लेने के लिए यह परीक्षा अच्छे नंबरों से पास करनी होगी, तभी मनचाही स्ट्रीम मिलेगी। अगर नंबर कम आए तो स्ट्रीम से हाथ धोना पड़ेगा।
एमपीजीएस कैंट की प्रिंसिपल मधु सिरोही ने बताया कि स्कूलों में 11वीं कक्षा का रिजल्ट खराब आता है। इसका बड़ा कारण ग्रेडिंग सिस्टम है। इस बार तो बोर्ड ने पीएसए भी खत्म किया और करिकुलर एक्टिविटी के नंबर जोड़कर खूब मार्क्स बांटे हैं। लेकिन एफए वन में जो स्टूडेंट संबंधित स्ट्रीम के सब्जेक्ट में अच्छे मार्क्स नहीं ला पाया तो उसे अपनी स्ट्रीम चेंज करनी होगी।
स्कूल को भी यह अधिकार है कि वह ऐसे स्टूडेंट्स की स्ट्रीम खुद ही बदल देगा। डीपीएस की प्रिंसिपल सविता चड्डा ने बताया बोर्ड हाथ फैलाकर छात्रों को नंबर बांट रहा है, बच्चे पढ़ाई से मन चुराते हैं, लेकिन 11वीं के एफए वन में जब रिजल्ट आएगा तो जो स्टूडेंट साइंस का है और उसने साइंस, मैथ्स में नंबर नहीं लाते तो स्ट्रीम चेंज करनी होगी। 10 सीजीपीए वालों की सारी पोल एफए वन के पेपर में खुल जाएगी।
साइंस और मैथ्स का क्रेज
छात्रों में साइंस और मैथ्स का जबरदस्त क्रेज है। 10 सीजीपीए वालों की पहली पसंद साइंस, मैथ्स और कॉमर्स है। मैथ्स, साइंस लेकर स्टूडेंट डॉक्टर, इंजीनियर इसके बाद सिविल सर्विसेज की तरफ मूव होना चाहते हैं।
पिछले सालों का यह है ग्राफ
साल होम एग्जाम बोर्ड एग्जाम
201516 10,596 1154
2014-15 9540 722
2013-14 9350 667
होम बोर्ड और बोर्ड का लाभ
स्टूडेंट्स 10वीं के बाद अगर बोर्ड चेंज करें या दूसरे राज्य में उनका ट्रांसफर होता है तो ऐसे में होम बोर्ड नहीं बल्कि सीबीएसई एग्जाम को प्राथमिकता मिलती है। इसलिए बोर्ड एग्जाम जरूरी है।स्टूडेंट्स अच्छे नंबर, आसान पेपर और आसान एग्जाम प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए होम एग्जाम को प्राथमिकता देते हैं। होम एग्जाम में अपने ही स्कूल में देने होते हैं पेपर, बोर्ड एग्जाम में दूसरे स्कूलों में होती है परीक्षा।