वायरल बुखार का वार बच्चों को भी काफी तादाद में बीमार कर रहा है। ओपीडी और भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में जब बच्चा वार्ड फुल हो गया तो 12 बच्चों को पुरुष वार्ड में शिफ्ट किया गया।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीओम ने बताया कि ओपीडी 300 के आसपास चल रही है, इनमें करीब 150 बच्चे बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। बाकी खांसी, जुकाम आदि के हैं। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार चल रहा है, जो बच्चों को परेशान कर रहा है। मेडिकल अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि मेडिकल में बच्चा वार्ड फुल है। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार के हैं। दोनों अस्पतालों की ओपीडी साढ़े चार हजार से पांच हजार चल रही है, इनमें आठ सौ से नौ सौ तक बच्चे आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार, खांसी, गले में जकड़न और जुकाम के मरीज ज्यादा बढ़ रहे हैं। मरीजों को खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। इस मौसम में खुले में रखे सामान और तली-भुनी चीजों को ज्यादा खाने से परहेज करने को कहा जा रहा है। दरअसल, इन दिनों चल रहे बुखार में शरीर का तापमान 101 से ज्यादा होने पर पैरासिटामॉल भी बेअसर हो रही है।
दो अस्पताल में मिला डेंगू का लार्वा
मेरठ। एक तरफ जहां डेंगू के मरीजों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी, निजी अस्पतालों और सरकारी बिल्डिंगों में डेंगू का लार्वा भी मिल रहा है। बुधवार को दो निजी अस्पतालों में डेंगू का लार्वा मिला।
जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया कि जिला मलेरिया विभाग की चेकिंग में बुधवार को साकेत स्थित मूर्ति नर्सिंग होम में दो जगह और एक अन्य अस्पताल में लार्वा मिला। लार्वा कंटेनर में थे। इस संबंध में नोटिस दिए गए हैं। डेंगू के 10 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें छह मेरठ के हैं, तीन मुजफ्फरनगर और एक बिजनौर का। इस सीजन में अब तक मेरठ जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 514 हो गई है। इनमें चार सौ से ज्यादा शहरी क्षेत्र के मरीज हैं। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराई जा रही है। बुधवार को शहर में सूर्यनगर, बेगमबाग, गंगानगर, और देहात में 20 से ज्यादा जगह फॉर्गिंग और एंटी लार्वा स्प्रे कराया गया है।