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रात भर ड्राइविंग सीट पर पड़ा रहा खून से लथपथ शव

Sun, 29 Oct 2017 08:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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कार में पड़ा शव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ में नवजीत हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। नवजीत का खून से लथपथ शव रात भर सड़क पर खड़ी उसकी कार में ड्राइविंग सीट पर पड़ा रहा। लेकिन किसी की नजर इस पर क्यों नहीं गई। बड़ा सवाल है कि रात को गश्त का दम भरने वाली पुलिस को भी ये नजर क्यों नहीं आई।
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पुलिस के मुताबिक नवजीत की हत्या मध्यरात्रि के आसपास हो चुकी थी। माना जा सकता है कि आम पब्लिक तो पुलिस के झमेले की वजह से इन सब से बचना चाहती है। लेकिन रात को थाने की गाड़ी से लेकर फैंटम और यूपी 100 पुलिस भी गश्त करती है। ऐसा नहीं कि नवजीत के शव को कार में कहीं छिपाया गया। वह तो ड्राइविंग सीट पर ही पड़ा था, फिर भी किसी का ध्यान इस तरफ न जाना अपने आप में चौंकाने वाली बात है। ये घटना लोगों की संवेदनशीलता के साथ पुलिस की गश्त की भी पोल खोल रही है। वहीं, सीओ का कहना है कि गोलियां चलने के बावजूद किसी ने भी सूचना नहीं दी।

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परिजनों ने उठाए सवाल

हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नवजीत की बहन शैल प्रीत ने भी सीओ ब्रह्मपुरी से मिलकर इस पर सवाल उठाया। कहा कि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक व्यक्ति के सिर में चोट लग गई थी। फैंटम वाले घायल को इलाज कराने ले गए थे। लेकिन पूरी रात यहां से कोई पुलिस जीप या फैंटम की नजर कार पर क्यों नहीं गई, ये जांच का विषय है। 

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नवजीत ने 100 नंबर पर किया था फोन
शैलप्रीत ने दावा किया कि घटना के वक्त नवजीत ने अपने मोबाइल से 100 नंबर पर कॉल की थी। शैल के मुताबिक उन्होंने शनिवार को पुलिस से नवजीत का मोबाइल लिया है। उसे देखा तो उसके मोबाइल में 100 नंबर पर 22 सेकेंड की कॉल मिली है। यदि शैल का दावा सही है तो ये काफी चौंकाने वाला है। 

पुलिस ने नहीं की सुनवाई
नवजीत के परिजनों का आरोप है कि मानव कई अवैध हथियार रखता था। वह नवजीत से मारपीट करता था। उसे जान से मारने की धमकी देता था। शैलप्रीत के अनुसार उन्होंने थाने में कई बार जाकर मानव के पास हथियार होने और नवजीत के उत्पीड़न की शिकायत की। कई बार तो आधी रात को थाने पहुंचकर दुखड़ा रोया। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उसके दर्ज मामलों में गिरफ्तारी के बजाय कागजी खानापूर्ति की गई।

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