जिला अस्पताल के सीएमएस बीएलएस कुशवाह ने बताया कि सोमवार को ही मरीज को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उसे लेकर नहीं गए। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। मरीज को रात में भी ऑक्सीजन दी गई।
जिला अस्पताल में बाहर से आ रही है दवाईयां
मृतका के बेटे प्रदीप समेत कई मरीजों के तीमारदारों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में बुखार तक की दवाइयां नहीं है। मरीज के तीमारदारों से बाहर से दवाइयां मंगवाई जाती है। महिला के परिजनों ने गौरीपुर स्थित स्टोर से दवाई लाकर दी। अस्पताल में भर्ती सिंघावली अहीर निवासी साबरी पत्नी एजाज ने बताया कि उन्हें सांस की बीमारी है। उनका भी इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा है। अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। रठौड़ा निवासी रमेशचंद ने बताया कि छह दिनों से अस्पताल में उसकी छह माह की बेटी भर्ती है। वह बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में बुखार की दवाई नहीं है। चिकित्सक ने उनसे बाहर से दवाई मंगवाई। सीएमएस का कहना है कि सभी आरोप गलत है। बाहर से कोई दवा नहीं मंगवाई जाती है। अस्पताल में सारी दवाइयां उपलब्ध है।
महिला चिकित्सक ने हाथापाई का लगाया आरोप
जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक नुपुर ने मृतक महिला के परिजनों पर हाथापाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि परिजन उनके रूम में घुस आए और उसे मारपीट की कोशिश की गई। इसकी शिकायत डीएम व लखनऊ में की जाएगी।
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