एआटीओ राजीव कुमार बंसल का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। वेतन उनके स्तर से नहीं रोका गया है। आला अधिकारियों ने उनके मेडिकल की जांच करने को कहा है। हालांकि फरवरी माह का वेतन उनके खाते में ट्रांसफर किया गया है। पूर्व में अवकाश पर रहे समय का वेतन देना उनके हाथ में नहीं है।
मृतक आश्रित कोटे में मिली थी नौकरी
दीपेंद्र सिंह के पिता आरपी सिंह एआरटीओ रहे हैं। जिनकी काफी समय पूर्व एक हादसे में मौत होना बताया गया है। पिता की मृत्यु के बाद दीपेंद्र सिंह को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी दी गई थी। पिछले छह साल से वह मुजफ्फरनगर एआरटीओ कार्यालय में तैनात थे।
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