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पिता ने पेश की मिसाल: बेटियों को माना लक्ष्मी का रूप, पालकी में बैठाकर लाया, सेल्फी लेने वालों की लगी भीड़

Sun, 28 Jul 2024 11:16 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, कंकरखेड़ा (मेरठ)

सार

हाईवे पर पहुंचने पर बेटियों को पालकी में बैठा देख लोगों में भी उत्साह बढ़ गया। कांवड़ देखने आए लोगों ने हाथ जोड़कर पिता को सम्मान दिया।
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बेटी को लेकर पहुंचा पिता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जहां एक ओर समाज में बेटी पैदा होने पर गलत मानसिकता रखने वाले लोग हैं। वहीं एक पिता ने अपनी दोनों बेटियों को लक्ष्मी का रूप माना है। पिता अपनी दोनों बेटियों को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रहा है। कंकरखेड़ा पहुंचने पर कांवड़िये व दोनों बेटियों के साथ सेल्फी व फोटो लेने वालों की भीड़ लग गई।

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जिला गाजियाबाद के मोदीनगर के पास स्थित गढ़ी  गदाना गांव निवासी धर्मेद्र ने बताया कि वह मिनी मेट्रो चलाने का काम करता है। उसकी शादी 15 साल पूर्व संगीता से हुई थी। शादी के बाद दोनों के पांच बच्चे हुए साधना, सृष्टि, देवराज, विधि व ज्योति। कावड़िया ने बताया कि बेटियों ने हरिद्वार जाने की बात कही थी। जिसके वह अपने परिवार को लेकर हरिद्वार पहुंचा। जहां उसने परिवार के साथ गंगा में डुबकी लगाई। 15 जुलाई को दोनों बेटियों विधि व ज्योति को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से मोदीनगर के लिए रवाना हो गया।

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रविवार रात कांवड़िया अपने परिवार के साथ कंकरखेड़ा हाईवे पहुंचा। हाईवे पर पहुंचने पर बेटियों को पालकी में बैठा देख लोगों में भी उत्साह बढ़ गया। कांवड़ देखने आए लोगों ने हाथ जोड़कर पिता को सम्मान दिया। वही पिता के जज्बे को लोगों ने सलाम किया। पिता- बेटियों की जोड़ी को देखने के लिए लोगों का हुजूम हाईवे पर जमा हो गया। कावड़िया ने बताया कि वह आज रात कंकरखेड़ा में ही विश्राम करेगा। सोमवार सुबह वह अपने परिवार को लेकर आगे के लिए रवाना होगा।
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