बताया कि अवशेष का लाभ खाद के रूप में भी कर सकते है। कस्टम हायरिंग सेंटर पर अवशेष को मिट्टी में मिलने वाले यत्र उपलब्ध जो उन्हें किराये पर मिल सकते हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए ‘सीएचसी’ एप चलाया है। इस पर किसान अपना पंजीकरण कर आसपास के कस्टम हायरिंग सेंटर से कृषि यंत्रों को किराये के लिए बुक कर सकते हैं।
बुकिंग के बाद संचालक किसानों के बताए हुए स्थान पर खेती से संबंधित कार्यों का संपादन करेगा। इस दौरान बताया गया कि तिलवाड़ा में सुमन पाल, सूप में ओमबीर सिंह, सिलाना में ओमप्रकाश मलिक, ख्वाजा नंगला में महिला स्वयं सहायता को कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक दिए गए हैं। आज टीम क्षेत्र में पहुंचकर प्रचार-प्रसार किया।