- बोले- जमीन अधिग्रहण होने से करीब 700 किसानों का रोजगार छिन जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध अब तीसरे चरण में भी तेज होने लगा है। शुक्रवार को अजराड़ा और माजरा इलाहाबाद मंढैया के किसानों ने गांव के शिव मंदिर में पंचायत कर औद्योगिक गलियारे के लिए अपनी जमीन देने से साफ इन्कार कर दिया।
किसानों ने कहा कि उनकी जमीन उपजाऊ है और इसी से परिवारों का भरण-पोषण होता है। जमीन अधिग्रहण होने से करीब 700 किसानों का रोजगार छिन जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक आंदोलन किया जाएगा। पंचायत में किसानों ने आरोप लगाया कि शासन सर्किल रेट के आधार पर उनकी जमीन खरीदना चाहता है, जबकि यही जमीन आगे उद्योगपतियों को ऊंचे दामों पर दी जाएगी। किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। पंचायत में चौधरी लालू सिंह, नेत्रपाल, हरशरण, शेर मोहम्मद, शाहिद, विजेंद्र व निरंजन सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
745 हेक्टेयर में विकसित होना है गलियारा
गंगा एक्सप्रेसवे किनारे मेरठ जनपद में करीब 745 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। किसानों से जमीन खरीदकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को देनी है। योजना के पहले चरण में 214 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है। दूसरे चरण में 294 हेक्टेयर जमीन की खरीद खरखौदा क्षेत्र के छतरी, गोविंदपुर और खड़खड़ी के किसानों के विरोध के चलते अटकी हुई है। किसान करीब दो साल से धरने पर बैठे हैं। अब किसान बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा मिलने पर जमीन देने की सहमति जता रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर निर्णय नहीं हुआ है।
तीसरे चरण की जमीन खरीदने की तैयारी
दूसरे चरण की जमीन खरीद प्रक्रिया अटकी होने के बीच प्रशासन ने तीसरे चरण की भूमि खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अटौला, सफियाबाद लोटी व अजराड़ा व मढैया के करीब 1500 किसानों की 237 हेक्टेयर भूमि की खरीद के लिए अधिसूचना जारी की गई है। यहां भी किसान सर्किल रेट पर जमीन देने से इन्कार कर चुके हैं। अजराड़ा और माजरा इलाहाबाद मंढैया के करीब 700 किसानों की 153 हेक्टेयर भूमि तीसरे चरण में खरीदी जानी है।