शासन और हाईकोर्ट ने किया किनारा
बैठक मे एमडीए तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शताब्दीनगर के 874 किसानों द्वारा जिला न्यायालय में मूल मुआवजे में बढ़ोत्तरी के लिए वाद दायर किया गया। जिस पर न्यायालय द्वारा दो और सात रुपये प्रतिवर्ग गज मुआवजा बढ़ाने का निर्णय दिया गया। जिसका भुगतान एमडीए द्वारा कर दिया गया था।
वहीं, वर्ष-2011 मेें किसानों ने दोबारा से विरोध किया। जिस पर एमडीए द्वारा दोबारा 690 रुपये प्रतिवर्ग गज के हिसाब से बढ़ा हुआ प्रतिकर देने पर सहमति बनी। जिसके लिए 8 अप्रैल 2011 को समझौता हुआ। वर्ष-2011 में हुए समझौते के बाद 165 किसानों को बढ़े हुए प्रतिकर की शेष धनराशि और 709 किसानों को बढ़े हुए प्रतिकर के हिसाब से मुआवजा दिया गया। इसके बाद किसान हाईकोर्ट पहुंच गए। इस बार उन्हें यहां से झटका लग गया। वहीं, शासन ने भी किसानों की मांग पर कोई विचार नहीं किया था।
इसलिए गंभीर है मामला
शताब्दीनगर स्थित सेक्टर छह योजना तीन में आठ आवंटी प्लॉट पर कब्जा न मिल पाने के कारण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने एमडीए को प्लॉट पर कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे। जिसकी अगली सुनवाई 23 अक्तूबर को होनी है। इसका जवाब देने के लिए एमडीए अधिकारियों में खलबली मची है। जिस कारण अधिकारी किसानों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं।