फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: समेकित नाशीजीव प्रबंधन तकनीक की किसानों को दी जानकारी

विज्ञापन
दौराला- मंडौरा गांव में ड्रोन का सजीव प्रदर्शन करके दिखाते वैज्ञानिक। स्रोत : स्वयं
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

दौराला। राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में मंडौरा गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। खेतों पर पहुंचकर किसानों को ड्रोन उड़ाकर सजीव प्रदर्शन दिखाया गया।
गोष्ठी में अतिथि रिसर्च एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने की। गोष्ठी गन्ना आधारित आईपीएम मॉडल गांव विकास परियोजना के अंतर्गत आयोजित की गई। डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि गोष्ठी का उद्देश्य गन्ना उत्पादक किसानों को समेकित नाशीजीव प्रबंधन तकनीकों से परिचित कराना, उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। किसानों को 100 लीटर ट्राइकोडर्मा व बैसिलस वितरित किया गया। किसानों को गन्ने की फसल में रोग एवं कीट प्रबंधन के लिए समेकित नाशीजीव प्रबंधन तकनीक के महत्व से अवगत कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वैज्ञानिकों ने किसानों को नीम के तेल, फेरोमोन ट्रैप और ट्राइकोकार्ड जैसे जैविक साधनों के उपयोग से कीट नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों पर जानकारी दी। सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार से सम्मानित वेदवर्त आर्य ने भी अपने अनुभव साझा किए। बताया कि किस प्रकार जैविक साधनों, आईपीएम तकनीकों को अपनाकर गन्ने की पैदावार, गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। गोष्ठी में डॉ. एमके नाइक, डॉ. अब्राहम वर्गीस, डॉ. एमके शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. आर थंगावेलु, डॉ. एमएन भट्ट, डॉ. श्रवण मनभर हलधर, डॉ. पीएन मीना, एके कनौजिया, डॉ. मनोज चौधरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें