हस्तिनापुर/बहसूमा/सरूरपुर। नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन जारी है। क्षेत्र के किसान एकजुट हो रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के नेता किशोर वाल्मीकि व सरदार नरवैर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। वहां पर नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन किया। किसानों के साथ रोष मार्च भी निकाला। यहां केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर सपा नेता किशोर वाल्मीकि ने कहा कि यदि सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेगी तो संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, नरवैर सिंह ने बताया कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेगी किसान घर नहीं जाएंगे। यहां 26 जनवरी को हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों किसान दिल्ली में परेड में शामिल होंगे। वहीं, केंद्र सरकार का विरोध किया जाएगा। सपा कार्यकर्ताओं में इंद्रजीत जयंत, संदीप जाटव, सरदार गुलजार सिंह, मोनू पंवार, नवीन टॉक, अनिल वर्मा, नौशाद आदि शामिल रहे।
बहसूमा कस्बे में मोहल्ला होली वाला में किसान वीरेंद्र नागर के आवास पर आयोजित बैठक में सपा के पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के विरोध में पारित काले कानूनों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान ठंड में सड़कों पर हक की लड़ाई लड़ रहा है। वे नए कृषि कानूनोें को वापस लेने की मांग पर अडे़ हैं। सरकार ने तीन माह बीतने के बावजूद गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। यहां वीरेंद्र नागर, इरफान पठान, रजत नागर, बृजपाल नागर, शाकिर फरीदी, ओमवीर, सुधीर अहलावत, वेदपाल नागर, ओमपाल गुर्जर आदि रहे।
वहीं, कस्बा करनावल में अनिश्चितकालीन धरना 22वें दिन भी जारी रहा। यहां किसानों ने कहा कि सरकार का रवैया सही नहीं है। वे हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज का पुरजोर विरोध करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में क्षेत्र से हजारों की संख्या में किसान कूच करेंगे। साथ ही दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के लिए राशन व जरूरी सामान भेजने का एलान किया। वहीं, शहीद किसानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। यहां ब्रह्मानंद शर्मा ने अध्यक्षता की तथा संचालन रामपाल दादाजी ने किया। मुख्य रूप से सभासद रूपेश, राहुल जड़ौदिया, रवींद्र चौधरी, सुरेंद्र सिंह, सुंदर, कृष्णपाल, डिंपल, अरुण फोगाट, राजीव, गौरव, डीपी गिरी आदि मौजूद रहे। इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि भी मनाई गई।