भूमि अधिग्रहण की दरों को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता करते हैं जिला पंचाय
मेरठ। आवास विकास परिषद की ओर से हापुड़-बिजली बंबा बाईपास के बीच न्यू टाउनशिप विकसित की जानी है। इसके लिए अधिग्रहित होने वाली भूमि का उचित मुआवजा किसानों को दिए जाने की मांग करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले।
उन्होंने कहा कि न्यू टाउनशिप के लिए तहसील मेरठ सदर के गांव नरहाड़ा जाहिदपुर, जुर्रानपुर, बजोट शाकरपुर, ढिकौली, गंगोल, चांदसारा, सलेमपुर अलीपुर जिजमाना, फफूंडा, ततीना सानी के किसानों की लगभग 1500 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। मेरठ में जिला प्रशासन द्वारा तीन वर्ष बाद सर्किल रेट बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। किसानों ने कुछ मांगे रखी हैं, जिसमें लिंक रोड पर पड़ने वाले समस्त खसरा नंबर को सर्किल रेट का 20 प्रतिशत, जनपदीय मार्ग पर पड़ने वाले समस्त खसरा नंबरों को 50 प्रतिशत, आबादी के 200 मीटर के दायरे में आने वाले समस्त खसरा नंबरों को 30 प्रतिशत, जो खसरा नंबर लिंक रोड व आबादी के 200 मीटर के दायरे में हैं उनको 20 + 30 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर दिलाया जाए। जैसा की मेरठ में एनएच 709 और एनएच 119 दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे के किसानों को दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नए भूमि अधिग्रहण कानून (आरएफसीटी एलएआरआर अधिनियम 2013) की अनुसूची 1 व अनुसूची 2 के समस्त लाभ सभी प्रभावित किसानों को दिलाया जाए। सभी किसानों को उनकी भूमि के प्रतिकर के बराबर धनराशि से कृषि भूमि खरीदने पर स्टांप शुल्क माफ किया जाए, या फिर आवास विकास परिषद द्वारा वहन कराया जाए। इन गांवों में कई गांव जैसे चांदसारा, गंगोल, ढिकोली में सर्किल रेट अन्य की अपेक्षा काफी कम है। जबकि सभी गांवों की भूमि की प्रकृति एक समान है और एक ही उद्देश्य के लिए अधिग्रहित की जा रही है। इस संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट विधिक व्यवस्था है कि यदि एक ही उद्देश्य के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है और सभी भूमि का भू-उपयोग एकसमान है तो उन्हें एकसमान प्रतिकर दिया जाना चाहिए, चाहे उसका सर्किल रेट कुछ भी हो।