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किसानों ने लौटाए आवंटन पत्र... एक्सटेंशन में इस दिवाली भी गृह प्रवेश नहीं

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किसानों ने लौटाए आवंटन पत्र... एक्सटेंशन में इस दिवाली भी गृह प्रवेश नहीं
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मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन में किसानों और आवास विकास के बीच चल रही जंग का खामियाजा प्रधानमंत्री आवास योजना के 624 आवंटियों को भुगतना पड़ रहा है। यहां के 146 किसानों ने जमीन के बदले प्लॉट देने के लिए भेजे गए पत्र आवास विकास को लौटा दिए हैं। इस विवाद की वजह से इस दिवाली भी लोग यहां गृह प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
जागृति विहार एक्सटेंशन में किसान 2014 से बढ़े प्रतिकर की मांग कर रहे हैं। इस योजना में काजीपुर, घोसीपुर, सरायकाजी, कमालपुर आदि गांवों के किसानों की जमीन गई थी। किसानों ने एलान किया है कि पहले उनका करीब 125 करोड़ रुपये का विवाद निपटे तभी वह आवास विकास को पीएम आवास योजना में बने घरों की चाबी सौंपने देंगे। कई आवंटी रेरा चले गए जहां से उनके पख में फैसला आया। रेरा ने आवास विकास पर चार लाख रुपये से अधिक का जुर्माना अब तक लगाया है। इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यहां बने इन मकानों में लगे दरवाजे खिड़की भी चोरी हो चुके हैं।
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शर्तें मंजूर नहीं
आवास विकास ने प्लॉट के आवंटन पत्र भेजे थे। हमने डाक द्वारा वापस भेज दिए हैं। हमें पहले बढ़ा हुआ प्रतिकर चाहिए। वहीं, प्लॉट के आंवटन पत्र में लिखा गया था कि तीन महीने में रजिस्ट्री करनी जरुरी होगी। ऐसा न करने पर जुर्माना लगेगा। यह भी हमें मंजूर नहीं है - भारत भड़ाना, महामंत्री, अर्जित भूमि किसान संगठन
फंस गया पैसा
हमने तो सोचा था आसानी से मकान मिल जाएगा। लेकिन यहां तो कोई उम्मीद नहीं लग रही है। ऐसे में रुपये भी फंस गए और मकान भी - संजय कुमार, आवंटी
पिस रहे आवंटी
आवास विकास अधिकारी सिर्फ हमें बहका रहे हैं। आवंटी सभी पिस रहे हैं। अपना आशियाना लेने के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। जबकि हमारा काफी धन जमा है - सुशील कुमार, आवंटी
अधिकारी नहीं सुनते
ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ये लोग सिर्फ बहकाते हैं। हमारे साथ धोखा हो रहा है। मुख्यमंत्री स्तर से संज्ञान लेकर प्रकरण को हल कराया जाना चाहिए - संजय परमार, आवंटी
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कुछ किसान ले गए आवंटन पत्र
हमारी पूरी कोशिश है कि आवंटियों को जल्द आवास मिल जाएं। इसके लिए कमिश्रर से भी वार्ता हुई है। किसानों ने आवंटन पत्र लौटा दिए थे लेकिन कुछ किसान कार्यालय आकर आवंटन पत्र ले गए - राजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता, आवास विकास
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