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भूखंड नहीं मिलने से नाराज किसानों ने एमडीए कार्यालय घेरा

Sat, 07 Nov 2015 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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एमडीए की वादा खिलाफी से आक्रोशित किसानों ने शुक्रवार को एमडीए कार्यालय पर कब्जा कर लिया। संयुक्त किसान संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जन भर से ज्यादा ट्रैक्टर -ट्रॉलियों में सवार होकर आए किसानों ने एमडीए कार्यालय में तंबू लगा दिया। उन्होंने एमडीए में अन्य गाड़ियों का प्रवेश बंद करते हुए एलान कर दिया कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, एमडीए पर ‘डेरा डालो, घेरा डालो’ आंदोलन चलता रहेगा। मनाने पहुंचे अधिकारियों को भी किसानों ने लौटा दिया और धरना रात को भी जारी रहा।
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यह है पूरा प्रकरण
प्रतिकर के बदले विकसित कर भूखंड दिए जाने को लेकर 10 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में फैसला हुआ था। डीएम पंकज यादव तथा एमडीए अधिकारियों ने घोषणा की थी कि किसानों को प्रतिकर के रूप में दिवाली का तोहफा मिलेगा। तय हुआ था कि एमडीए मुआवजे के बदले किसानों को प्लाट देगा। लेकिन अभी तक इस घोषणा पर काम नहीं हुआ है।

रणनीति बदलकर कर बोला हल्ला
किसानों ने घोषणा की थी कि अधिकारियों के आवासों के सामने गड्ढे खोदे जाएंगे, पर ऐन मौके पर किसानों ने रणनीति बदल दी। गंगानगर, वेदव्यासपुरी तथा लोहियानगर के किसानों ने शुक्रवार को अधिकारियों के आवासों की बजाय एमडीए कार्यालय का रुख कर दिया। किसान ठीक सुबह दस बजे एमडीए कार्यालय में घुस गए। भारी संख्या में महिला किसान भी साथ रहीं। किसानों ने भट्ठी चालू कर भोजन आदि बनाना शुरू कर दिया। कहा कि अगला चरण अधिकारियों के आवास पर ही पूरा होगा। किसानों ने कहा कि वे कमिश्नरी पर जाकर इस बाबत कमिश्नर से भी बात करेंगे।
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मचा हड़कंप आनन फानन में आगे बढ़ी फाइल
किसानों के इस रुख से हड़कंप मच गया। इससे संबंधित फाइल पर दरअसल तत्कालीन अपर आयुक्त चुनकू राम पटेल के साइन होने थे जो अब सीडीओ बुलंदशहर हैं। एमडीए तहसीलदार करनवीर सिंह फाइल लेकर वहां गए तथा उनके साइन कराकर दोपहर को लौट आए। डीएम ने भी तत्काल फाइल पर साइन कर एमडीए भेजा और यहां से उसे आयुक्त आलोक सिन्हा के कार्यालय भिजवा दिया गया। आलोक सिन्हा शुक्रवार को बाहर थे। उन्होंने इस बाबत शनिवार को सुबह 11 बजे एमडीए अधिकारियों को बुलाया है।
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