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यूपी: भूखंड-आवास आवंटन प्रक्रिया का विरोध, 10 मंजिला इमारत पर चढ़े किसान

Tue, 24 Sep 2019 11:25 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अधिकारियों का घेराव करते व 10 मंजिला इमारत पर चढ़े किसान - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में आवास एवं विकास परिषद् की जागृति विहार विस्तार योजना संख्या-11 में आवास व भूखंड लेने का ग्राहकों का लंबा इंतजार खत्म हो गया। मंगलवार को आवास एवं विकास परिषद् ने लॉटरी प्रक्रिया द्वारा ग्राहकों को भूखंड-आवास आवंटन किया। लेकिन यहां आवंटन की प्रक्रिया के दौरान किसानों ने मुआवजे को लेकर विरोध कर दिया।  
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संपत्ति अधिकारी अनिल गुप्ता ने बताया कि 144 वर्ग मीटर के भूखंड व 31/63 के सेमीफिनिश्ड आवासों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया द्वारा आज किया जाना है। 128 वर्ग मीटर भूखंड व 45/75 सेमीफिनिश्ड आवासों का आवंटन बुधवार को होगा। 

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आवंटन प्रक्रिया के दौरान किसानों का विरोध - फोटो : अमर उजाला
भूखंड व आवासों के आवंटन की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से विस्तार योजना संख्या 11 में शुरू की गई तो किसानों ने इसका विरोध कर दिया। दरअसल, किसान लम्बे समय से जागृति विहार में दी गई जमीन के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने इसके विरोध में जमकर हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने सूची फाड़ दी और लॉटरी मशीन कब्जे में ली।

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जागृति विहार में किसानों ने एक तरफ आवास विकास परिषद के अधिकारियों का घेराव किया। वहीं इस दौरान आवंटन प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के इंतजार में आवंटी परेशान बैठे इंतजार करते रहे।

उधर अपनी मांगों को लेकर आधा दर्जन किसान दस मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गए और हंगामा किया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई है। 

बताया गया कि 144 वर्ग मीटर के 50 भूखंडों के लिए 1654 ग्राहकों ने आवेदन किया है। 128 वर्ग मीटर के 70 भूखंडों के लिए 1357, 31/63 के 96 आवासों के लिए 87 और 45/75 के 252 आवासों के लिए 393 ग्राहकों ने आवेदन किया है। 
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घोसीपुर के किसान रोहित गुर्जर के मुताबिक, 2009 में काजीपुर, घोसीपुर, कमालपुर और सराय काजी की जमीन चिन्हित की थी। इसमें स्पष्ट एक नियम लागू किया था कि यदि किसी योजना में किसी भी किसान का प्रतिकर बढ़ाया जाएगा तो वह पूरी योजना में लागू होगा। 

आवास विकास परिषद ने 2012 में घोसीपुर व कमालपुर के किसानों का प्रतिकर 66 प्रतिशत बढ़ा दिया और किसानों को छह प्रतिशत जमीन विकसित कर प्लॉट के रूप में देने की बात कही। लेकिन न तो जमीन दी गई और न ही बढ़ाया गया प्रतिकर दिया गया। उसकी मांग किसान लगातार कर रहे हैं। अभी वार्ता चल रही थी कि पहले किसानों को आवंटन दिया जाएगा लेकिन आवास विकास ने किसानों के साथ छल कर यह कैंप लगाया है जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। 

किसानों और आवास विकास अधिकारियों के बीच जमकर नोक-झोंक हुई। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों से कहा कि आपके पास लॉ एंड ऑर्डर है। आप इस्तेमाल करें लेकिन हम भी मरने को तैयार हैं। इस दौरान किसानों ने आवास विकास के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों ने किसानों को मनाने की कोशिश की, लेकिन किसान आवंटन रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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