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मेरठ: भूमाफिया ज्ञानेंद्र चौधरी के समर्थन में आए संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता

Tue, 24 Sep 2019 10:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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ज्ञानेंद्र चौधरी का होटल दोआब विलास - फोटो : अमर उजाला
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पहले तेल के खेल में और अब भूमाफिया ज्ञानेंद्र चौधरी के पक्ष में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता आगे आए हैं। नवीन गुप्ता और रालोद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष राहुल देव जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने होटल दोआब विलास को लेकर चल रही कार्रवाई का विरोध जताया। डीएम को दिए पत्र में कहा गया कि जिस नाले पर कब्जा हुआ है, वह नगर निगम का नहीं, बल्कि सिंचाई विभाग का है। जिस पर निर्माण की सिंचाई विभाग ने अनुमति दी थी।
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होर्डिंग कारोबारी और सरकारी पाइप लाइन से तेल चोरी में चर्चा में आए ज्ञानेंद्र चौधरी के होटल दोआब विलास को लेकर प्रशासन की कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है। एसडीएम सदर की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने ज्ञानेंद्र चौधरी और उसके पार्टनर सचिन चौधरी को भूमाफिया भी घोषित कर दिया है। वहीं होटल दोआब विलास में सरकारी नाले की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।

सोमवार को संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता और रालोद के निवर्तमान जिलाध्यक्ष राहुल देव जिलाधिकारी अनिल ढींगरा से मिले। संयुक्त व्यापार संघ के लेटरपैड पर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि होटल दोआब विलास पर दो से तीन दिन के अंदर ही इतनी बड़ी कार्रवाई करना किसी संदेह के घेरे में आता है।

जिस नाले को कब्जा करना बताया है वह नगर निगम का न होकर सिंचाई विभाग का नाला है। जिसके पक्का निर्माण करने की अनुमति सिंचाई विभाग द्वारा 13 जनवरी 2017 को दी गई थी। उसके आधार पर ही पक्का निर्माण कराया गया। वहीं एमडीए द्वारा भी मानचित्र स्वीकृत है। ऐसे में दोआब विलास पर कार्रवाई से पहले इसकी जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए।

अनुमति को हथियार बनाकर किया कब्जा
होटल दोआब विलास के लिए नाले पर पक्के निर्माण की अनुमति सिंचाई विभाग द्वारा दी गई है। इसे लेकर जहां सिंचाई विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं तो होटल मालिक ने इस अनुमति की आड़ में खेल कर दिया।

क्योंकि अनुमति 11 मीटर चौडे़ और 86 मीटर लंबे नाले के पक्के निर्माण की थी। लेकिन होटल मालिक ने नाले की चौड़ाई जोकि 11 मीटर थी, उसकी चौड़ाई लगभग आधा करते हुए कब्जा कर लिया। जो नगर निगम लेखपाल की रिपोर्ट ही नहीं बल्कि एसडीएम सदर की रिपोर्ट से भी स्पष्ट हो गया है।
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स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण
एमडीए द्वारा क्लब का मानचित्र स्वीकृत किया गया था। होटल के बाहर लगे बोर्ड पर भी क्लब ही लिखा है। लेकिन अंदर आलीशान होटल के साथ बैंक्वेट हॉल तैयार कर दिया गया है, जो स्वीकृत मानचित्र के पूरी तरह विपरीत है।

जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई
दोआब विलास पर हो रही कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कुछ लोग मुझसे मिले थे। उनके पत्र पर एडीएम सिटी को जांच दे दी गई है। जल्दी ही उनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी, जिस पर आगे की कार्रवाई तय कर दी जाएगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
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