बिटकॉइन या साइबर करेंसी में भुगतान करने वाली ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ी कई कंपनियां यूपी एसटीएफ और जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। दरअसल, वेबवर्क कंपनी ने भी इसी तरह भुगतान की बात कही थी। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रेडिंग करने वाली अन्य कंपनियां इसी तरह भुगतान कर रही हैं। इनकी लिखित शिकायत एसटीएफ के साथ अन्य विभागों में हुई है। इसके बाद बिटकॉइन का इस्तेमाल करने वाली ऐसी 10 कंपनियां चिह्नित की जा चुकी हैं, जिनके पूरे कारोबार का रिकॉर्ड देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इन कंपनियों ने छह माह के दौरान बड़ी संख्या में अपने बड़े ग्राहकों को सिंगापुर, मलेशिया और थाइलैंड जैसे देशों का टूर कराया। इसके जरिये ये कंपनियां विदेश में रकम खर्च होना बता रही हैं। बिटकॉइन से भुगतान सीधे विदेशी कंपनियों को किया जा रहा है, जिसके पीछे जांच एजेंसियां को मनी लांड्रिंग की आशंका है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसकी आड़ में विदेश में नया कारोबार खड़ा कर काले धन के वैध करने का खेल चल रहा हो। ऐसे में केंद्र और राज्य की एजेंसियां हर पहलू को लेकर जांच कर रही हैं।
क्या है बिटकॉइन
बिटकॉइन या साइबर करेंसी सिर्फ अंकों में चलती है। आपको कंप्यूटर स्क्रीन और मोबाइल एप पर अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से रकम दिखती है। इसके जरिये आपको यह जानकारी मिलती रहेगी कि आपका पैसा घट या बढ़ रहा है। ऐसी मुद्रा का इस्तेमाल कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर के बीच होता है। मसलन, कोई प्रोडक्ट खरीदते हैं तो विक्रेता को उतनी मुद्रा अंकों में लिखकर उसकी लॉगिन आईडी पर भेज दी जाती है। ऐसी मुद्रा का अस्तित्व सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड में ही होता है। तमाम पोंजी कंपनियां बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रही हैं।
देश में है प्रतिबंधित
वेबवर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले अमित किशोर जैन ने अपनी शिकायत में कहा है कि वेबवर्क ने बिटकॉइन में पेमेंट करने को कहा था, जो मुद्रा भारत में अस्तित्व में ही नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आदेश के मुताबिक, भारत में बिटकॉइन पूरी तरह से अवैध है और प्रतिबंधित है। इस नजरिये से वो तमाम कंपनियां अब एसटीएफ के निशाने पर हैं, जो बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रही हैं। कुछ कंपनियां पैकेज लेने के कुछ ही दिनों में ग्राहकों को विदेश का टूर करा रही हैं।