उपजिलाधिकारी के माध्यम से हरियाणा के मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना (मेरठ)। भारतीय किसान यूनियन भानु ने हरियाणा सरकार की रबी फसल 2026 की खरीद नीति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष (युवा) पश्चिमी उत्तर प्रदेश अमित त्यागी गणेशपुर के नेतृत्व में ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश जमीनी हकीकत से दूर, अव्यवहारिक और किसान विरोधी हैं। किसान नेताओं ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना, मंडी में प्रवेश के लिए समय सीमा तय करना, बायोमेट्रिक सत्यापन और मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण जैसी शर्तें किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं।
भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने कहा कि हर किसान के पास खुद का ट्रैक्टर नहीं होता, अधिकांश किसान किराए या साझे के साधनों से फसल मंडी तक पहुंचाते हैं। ऐसे में नंबर प्लेट की बाध्यता पूरी तरह अव्यवहारिक है। वहीं बायोमेट्रिक प्रणाली तकनीकी खामियों के कारण अक्सर फेल हो जाती हैं, जिससे किसानों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है।
संगठन ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण छोटे, अशिक्षित और बुजुर्ग किसानों के लिए बड़ी बाधा बन रहा है। महिला और दिव्यांग किसानों के लिए स्वयं मंडी में उपस्थित होने की अनिवार्यता को भी अमानवीय बताया गया।
किसानों ने मांग की कि सभी अव्यवहारिक नियमों को तत्काल वापस लिया जाए और किसान हित में सरल व व्यावहारिक व्यवस्था लागू की जाए। बायोमेट्रिक और पोर्टल आधारित प्रक्रिया को वैकल्पिक बनाया जाए तथा अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से फसल बिक्री की अनुमति दी जाए। भाकियू भानु ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और मंडियों का घेराव किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
इस दौरान अंकित गुर्जर, अरुण कुमार, पुनीत त्यागी, गौरव, सुरेंद्र सिंह और जितेंद्र सहित कई किसान मौजूद रहे।