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लाॅकडाउन में बर्बाद हुई फूलों की खेती, किसानों ने कई सौ बीघा जमीन पर खड़ी फसल पर चलाया ट्रैक्टर

Thu, 30 Apr 2020 02:56 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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floriculture, lockdown meerut - फोटो : amar ujala
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लॉकडाउन में सभी धार्मिक स्थल बंद हैं, जबकि बैंक्वेट हाल बंद होने के साथ शादियां भी टाली जा चुकी हैं। ऐसे में फूलों की खेती करने वाले किसानों पर आफत आन पड़ी है।
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फूलों की तैयार फसल पर किसान ट्रैक्टर चलाकर नष्ट करने को मजबूर हैं। बुधवार को नूरनगर और लिसाड़ी गांव के किसानों ने फूलों की खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाया। किसानों ने सरकार से बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग की है।

नूरनगर निवासी किसान महिपाल सिंह और उनके भाई वीरपाल करीब 100 बीघा जमीन पर फूलों की खेती करते हैं। फूलों की बिक्री न होने की वजह से उन्हाेंने खेतों की जुताई करवा दी। बताया कि लॉकडाउन की वजह से मंदिर, शादी के मंडप व शादियां के मौके पर लॉकडाउन के कारण फूलों की मांग न होने से साज सज्जा का व्यापार बंद है। जिसकी वजह से फूलों की बिक्री नहीं हो पर रही है।
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बिक्री के इंतजार में अधिकतर फूल भी खेत में ही खराब हो गए हैं और आगामी फसल की बुवाई में भी देरी हो रही है। इसी के चलतेकिसानों के सामने फूलों की खड़ी फसल को जोतने की मजबूरी हो गई है। जिला प्रशासन व सरकार से मांग है कि हमारा दुखदर्द जाने और मुआवजा तय करे।

नूरनगर निवासी किसान दयाराम और लिसाड़ी निवासी ललित ने फूलों की खेती की बर्बादी के बारे में बताया कि लाखों का नुकसान हो गया है। करीब 125 बीघा जमीन जोती है, जिसमें से हर तीसरे दिन लाखों की कीमत के फूल बाजार में पहुंचते थे। जबकि नूरनगर और लिसाड़ी गांव के किसानों की कई सौ बीघा जमीन पर फसल तैयार खड़ी है।
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floriculture, lockdown meerut - फोटो : amar ujala
सौ बीघा जमीन में हर चौथे दिन 15 लाख की खेती
नूरनगर और लिसाड़ी गांव के 39 किसानों की सूची तैयार की है। जिसमें किसान महिपाल और वीरपाल की सौ बीघा से ज्यादा जमीन पर फूलों की खेती होती है। सौ बीघा जमीन में चार महीने की खेती के दौरान हर तीसरे या चौथे दिन 15 लाख रुपये के फूलों की बिक्री होती है।

जिसमें गेंदे की अलग-अलग किस्में बोई जाती हैं। जबकि दोनों गांवों के 39 किसानों की 300 बीघा से ज्यादा जमीन में फूलों की खेती हो रही है। चार महीने में दोनों गांवों के किसानों को लाखों का नुकसान है। जबकि मेरठ जनपद में हजारों किसान फूलों की खेती से जुड़े हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों से मुआवजे की मांग
किसानों की हालत देख कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष एवं किसान नेता रोहित गुर्जर ने सरकार व जिला प्रशासन से किसानों की ओर देखने को कहा है। बताया कि किसानों की फसल की पैमाइश कर लागत का चार गुना दिया जाए। ताकि आने वाले दिनों में किसान परिवार का पालन पोषण कर सकें।

आगामी फसल की बुवाई कर सकें। साथ ही कम से कम छह माह के लिए नलकूप का बिजली बिल भी माफ किया जाए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी को पत्र लिख अवगत कराया गया है।
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