संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। थाना क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुए और उसके शावक के दिखाई देने की सूचना से किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों में दहशत का माहौल है। लगातार दूसरे दिन भी किसान समूह बनाकर खेतों में पहुंचे। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में सर्च अभियान चलाने के साथ खेतों में मिले पंजों के निशानों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
अमानुल्लापुर गांव में सोमवार सुबह खेतों की ओर गए किसान योगेंद्र और बिट्टू ने अपने सामने तेंदुए के साथ एक शावक को चहलकदमी करते देखने का दावा किया था। दोनों ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों की ओर पहुंच गए। वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर दिनभर खेतों और आसपास के इलाके में तलाश की, लेकिन तेंदुआ या शावक दिखाई नहीं दिया।
मंगलवार को भी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका को लेकर किसानों में डर बना रहा। किसान अकेले खेतों पर जाने के बजाय समूह बनाकर पहुंचे। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल और खेतों में पिंजरा व जाल लगाकर तेंदुए और शावक को पकड़ने की मांग की है।
रेंजर मदन सिंह ने बताया कि खेतों में मिले पंजों के कुछ निशान पुराने प्रतीत हो रहे हैं, जबकि कुछ निशान अपेक्षाकृत नए हैं। इनके नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।