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यूपी: आत्मनिर्भर बनने के लिए लिया था ऋण, किसान अब नहीं दे पा रहे किस्त, एनपीए घोषित हुए नौ हजार खाते

Thu, 24 Jun 2021 07:53 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में फड़ और रेहड़ी लगाने वालों को  दस हजार का ऋण दिया गया था, ऐसे नौ हजार खातों में से करीब 40 प्रतिशत खाते हो चुके हैं एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट), इन्हें आगे ऋण नहीं मिलेगा
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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कोरोना काल में रेहड़ी और फड़ वालों की मदद के लिए सरकार ने उनके खातों में दस-दस हजार रुपये का ऋण दिलाया, लेकिन ये खाते अब एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) हो गए हैं। फड़ व रेहड़ी वाले बैंकों को ऋण की किस्त समय पर नहीं जमा कर रहे हैं। बिजनौर जिले में ऋण लेने वाले नौ हजार खातों में से करीब 40 प्रतिशत खाते एनपीए हो गए हैं। अब सरकार इन लोगों को 20-20 हजार का ऋण देने की योजना बना रही है। जो लोग समय से किस्त जमा करेंगे वे ही इस ऋण का फायदा ले पाएंगे। 
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पिछले साल कोरोना के समय जनता के काम-धंधे बहुत प्रभावित हुए थे। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक मदद के लिए आत्मनिर्भर भारत योजना शुरू की थी। इसमें हर वर्ग के लिए अलग योजना का संचालन किया गया था। शहरों में सड़क किनारे फड़ व रेहड़ी लगाने वालों के लिए भी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना चलाई थी। योजना में नगर पालिका में पंजीकृत फड़ व रेहड़ी वालों के काम को बढ़ाने के लिए दस-दस हजार रुपये का ऋण दिलाया था।

इस ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज की सब्सिडी भी थी। जिले में नौ हजार से अधिक फड़ व रेहड़ी वालों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। इनके खातों में दस-दस हजार रुपये जमा किए गए। इस ऋण को जमा करने के लिए हर महीने 975 रुपये की किस्त निर्धारित की गई। लेकिन अधिकतर रेहड़ी व फड़ वालों ने यह रकम बैंकों में जमा ही नहीं की और इनके खाते एनपीए हो गए।
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ऐसे उपभोक्ताओं को खाते नियमित न करने यानि पुरानी किस्त जमा न करने तक नई योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अब सरकार इन खातों में 20-20 हजार रुपये ऋण देने की तैयारी में है, लेकिन एनपीए वाले उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।  

नगर पालिका      लाभार्थी
बिजनौर             845
नगीना               1037
नजीबाबाद          703
चांदपुर               953
शेरकोट              462
किरतपुर             628
धामपुर               431
स्योहारा              771
नहटौर               627
नूरपुर                 392
अफजलगढ़          462
हल्दौर                310
बढ़ापुर                214
सहसपुर              290
साहनपुर             255
मंडावर               262
झालू                  287
जलालाबाद          141
कुल                  9070
नोट : आंकड़े विभाग भवन से लिए गए हैं।

तीन महीने तक किस्त जमा न करने पर एनपीए होता है खाता

व्यापारियों, उद्यमियों, दुकानदारों को दिए जाने वाला ऋण टर्म लोन कहलाता है। इसकी मासिक किस्त तय होती है। लगातार तीन महीने की किस्त जमा न करने पर खाता एनपीए हो जाता है। एनपीए वाले खाते के नियमित न होने तक उसे किसी तरह का कोई ऋण नहीं दिया जाता है।

डूडा के परियोजना अधिकारी नरेंद्र मिश्रा के अनुसार जिन लोगों को योजना का लाभ दिया गया था, उनमें से काफी ने किस्त जमा नहीं की है। अब ऐसे लोगों को अधिक ऋण देने की योजना है। लाभ लेने के लिए पात्रों से बैंक की किस्त अदा करने के लिए कहा जा रहा है।
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