एक-दूसरे को बेच रहे किसान
मुजफ्फरनगर के बड़कली गांव निवासी ओमकार त्यागी का कहना है कि वह दो साल पहले एक किलो काले गेहूं का बीज लाए थे। उन्होंने इसकी बुवाई कर बीज तैयार किया है। अब खेती के साथ साथ वह गेहूं का बीज भी किसानों को दे रहे हैं।
मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के 10 से 15 किसानों को 40 किलो बीज दे चुके हैं। मेरठ के परीक्षितगढ़ ब्लाक के गांव नांरगपुर निवासी किसान टीटू कुमार प्रजापति का कहना है उन्होने दो बीघे गेहूं की बुवाई की है। वह 80 रुपये प्रति किलों के हिसाब से गेहूं का बीज किसानों को दे रहे हैं।
कुछ ही किसान कर रहे खेती
अभी वेस्ट यूपी में कुछ किसान ही इसकी खेती कर रहे हैं। इसमें काफी औषधि गुण है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और कई रोगों के लिए भी लाभप्रद है। - डॉ. आरएस सेंगर, कृषि वैज्ञानिक, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय