बहसूमा। प्रचार प्रसार की कमी से मानधन योजना में किसान रुचि नहीं ले रहे हैं। 60 साल की आयु तक प्रीमियम जमा करना किसानों को नही भा रहा है। ब्लाक में अब तक करीब दो हजार किसान ही सम्मलित हुए है। आलम यह हे कि विभाग को किसान ही नहीं मिल पा रहे हैं जिससे वह इस योजना को उन्हें दे सकें।
केंद्र सरकार ने गत वर्ष की शुरूआत में किसान मानधन पेंशन योजना शुरू की थी। किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने किसान मानधन योजना संचालित की है। योजना में 18 साल से लेकर 40 साल तक के किसान पात्रता की श्रेणी में है। आवेदन करने के बाद किसान को 60 साल की आयु तक पूरी होने तक प्रीमियम जमा करनी होगी। 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद 3000 रुपये प्रति माह की पेंशन किसान को मिलेगी। हस्तिनापुर ब्लाक में काफी किसान है। ब्लाक से करीब 2 हजार किसान पात्र दिसंबर माह तक जुड़े हैं। वह लंबे समय तक किस्त जमा करने में असमर्थता जता रहे है।
55 से 200 रुपये प्रति माह तक करनी होगी किस्त जमा
योजना में 18-40 वर्ष की आयु के किसानों को शामिल किया है। 18 साल की आयु वाले किसानों को 55 रुपये प्रतिमाह व 40 साल आयु वाले किसानों को 200 रुपये प्रति माह किस्त जमा करनी है। इसी अनुपात में अलग अलग आयु वर्ग के किसानों के लिए किस्त भिन्न हैं।
कई शिविर लगाए
हस्तिनापुर ब्लाक के बीडीओ शैलेंद्र सिंह का कहना है कि जानकारी का अभाव तो नही कह सकते। इसके लिए कई बार ब्लाक में शिविर लगाकर कर किसानो को जागरूक किया गया। लेकिन अधिक समय तक किस्त जमा करने की वजय से किसान इससे जुडने में असमर्थता जता रहे है। - शैलेंद्र सिंह, बीडीओ ब्लॉक हस्तिनापुर
ज्यादातर किसान अपात्र
भारतीय संस्कृति में अधिकांश पिता जिंदा रहते हुए अथवा पोत्र के नाम जमीन दर्ज नही करते हैं। योजना में 18 से 40 साल तक किसानों को शामिल किया गया है। ऐसे में अधिकांश किसान योजना में अपात्र है। योजना सही से क्रियान्वित नहीं है। - राममेहर सिंह, अध्यक्ष रालोद किसान प्रकोष्ठ
किसान को कोई फायदा नहीं
किसान मानधन पेंशन योजना से किसानों को कोई खास लाभ नहीं मिलने वाला है। किसान को 42 साल बाद तीन हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे। 42 साल बाद तीन हजार रुपये का महत्व कम हो जाएगा। इस लिए किसान योजना से नहीं जुड़ रहे हैं। - धर्मेंद्र शर्मा, भाकियू(भानू) के पश्चिमी उप्र प्रभारी
योजना केवल दिखावा
मानधन योजना केवल दिखावा है। किसान लंबे समय तक किस्त जमा करने के झंझट में नही पड़ना चाहता है। - उदयवीर सिंह, उपाध्यक्ष भाकियू