संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। मानसून में देरी की वजह से किसान परेशान हैं। उनको फसल खराब होने का डर सता रहा है। इसके अलावा बारिश के नहीं होने की वजह से खेत सूख रहे हैं। किसान चारे की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। इस बार वैज्ञानिकों ने बारिश अच्छी होने की संभावना जताई थी। इससे किसान खुश थे लेकिन अब बारिश नहीं होने की वजह से निराश हैं।
मानसून में देरी की वजह से क्षेत्र के किसानों के खेतों में नमी धीरे-धीरे खत्म हो रही है। यदि बारिश की लेट लतीफी का सिलसिला जारी रहा तो निश्चित ही एक बार फिर क्षेत्र के किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।
किसान प्रताप सिंह नागर का कहना है कि भीषण गर्मी में फसलें सूख रही हैं। विद्युत आपूर्ति से फसलों की सिंचाई पूरी नहीं हो रही है। किसान नलकूप इंजन व जनरेटर चलाकर गन्ने की फसल की सिंचाई कर रहे हैं। सिंचाई करने के बावजूद गन्ने की फसल सूखने के कगार पर है।
किसान वीरेंद्र नागर का कहना है कि धान की पौध तैयार करने के लिए पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। अब किसान को मानसून के आने का बेसब्री से इंतजार है।