छपरौली कस्बे के तिरखा नाथ शिव मंदिर में बुधवार को क्षेत्र के किसान जुटे और एक पंचायत की। इसमें किसान क्रांति यात्रा पर आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठियां चलाने का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों के सामने समस्याएं हैं। जाति, धर्म और राजनीतिक दलों को भूलकर अगर किसान एक नहीं हुआ तो भविष्य का संकट खड़ा हो जाएगा। एकता में ही किसान की ताकत है। किसानों पर जो बर्बरता दिखाई गई, उसका हिसाब सरकार को देना पड़ेगा।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह किसान यात्रा में शामिल हुए और पुलिस की लाठी से घायल भी हुए। चौबीसी की पंचायत में उन्होंने कहा कि जब तक किसान संगठित नहीं होंगे तब तक किसानों पर हमले होते रहेंगे। वर्तमान में किसान परेशान है हर तरह से सरकार उसे तंग करने के लिए नए नए कानून बना रही है। चाहे वह बिजली से संबंधित हो या फिर सिंचाई विभाग से या किसी दूसरे विभाग से। किसान अलग अलग दल या संगठन से ताल्लुक रखते हो सभी को एकजुट होना ही पड़ेगा इसके अलावा कोई रास्ता नही हो सकता।
भारतीय किसान यूनियन की मांगों में किसान को 60 वर्ष से ऊपर पेंशन सुविधा, किसानों का पूरा कर्ज माफ, बिजली की बढ़ी दर वापस लेना, 10 वर्ष से पुराने ट्रैक्टर के चलाने पर रोक हटाने, गन्ने का बकाया भुगतान 14 दिन मे कराना सुनिश्चित करना आदि है ये सभी किसानों के हित के लिए हैं। पंचायत में चंद्रपाल सिंह, विजय सिंह, ओमबीर सिंह, रणवीर सिंह, यशपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, जयबीर सिंह, राजकुमार और सहदेव सिंह मौजूद रहे।
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