रामकुमार ने बताया कि नवंबर 2018 से अब तक फाइल लेकर बैंक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जिला उद्योग केंद्र सभी के चक्कर लगा चुका है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत कर चुका है, लेकिन कोई राहत नहीं मिल सकी है। कर्ज देने वाले लोग अब उससे अपना रुपया वापस मांग रहे हैं और दबाव बना रहे हैं। ऐसे में उसके पास किडनी बेचने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। रामकुमार ने किडनी बिकाऊ है के पोस्टर कलक्ट्रेट, कचहरी, विकास भवन, जिला उद्योग केंद्र, ग्रामोद्योग केंद्र, नगर निगम, स्टेडियम समेत सभी सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों के आसपास लगा दिए हैं। जिससे अधिकारियों की नजर पोस्टर पर पड़े और उसकी मदद करें। रामकुमार का कहना है कि अभी तक किसी अधिकारी ने उससे संपर्क नहीं किया है।
देश-विदेश से आ रही कॉल
रामकुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर और पोस्टर लगाए जाने के बाद किडनी खरीदने के लिए उसके पास देश के सभी राज्यों से फोन कॉल आ रहीं हैं। इसके अलावा दुबई, सऊदी अरब से भी कॉल आ रहीं हैं। खरीदार एक करोड़ रुपये तक देने को तैयार हैं। अभी उम्मीद है कि बैंक से लोन मिल जाएगा, नहीं मिला तो वह किडनी बेच देगा।
अन्य बैंक से मिल सकता है ऋण : चौधरी
अग्रणी बैंक प्रबंधक अशोक चौधरी का कहना है कि किसान का जिस बैंक शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड बना है, उसी शाखा से ऋण मिल सकता है। यदि संबंधित बैंक ऋण नहीं दे रहा है तो अन्य बैंक से ऋण लिया जा सकता है। इस बारे में उनकी रामकुमार से भी बात हो गई है। अन्य बैंक से ऋण दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/