किसानों ने रोड पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर तोड़ दिए हैं। जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज भी किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई किसान घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आई है। मेरठ के भाकियू नेता संजय दौराला के अनुसार लाठीचार्ज में मेरठ के दो किसान घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल भेजा गया है। वहीं किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक करने पहुंच रहा है। वहीं आंसू गैस के गोले छोड़ने और किसानों पर लाठी चार्ज के बाद अन्य जिले के किसानों को फोन करके बुलाया गया है। जिसके बाद कई जिलों के किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए हैं।
बताया जा रहा है कि अधिकतर किसान दिल्ली की सीमा के अंदर पहुंच गए हैं। कई जिलों के किसानों से पीड़ितों के समर्थन में यूपी गेट पहुंचने का निवेदन किया गया है। उधर राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह भी दिल्ली रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह जवाब देना चाहिए कि किसान शांतिपूर्वक अपनी मांगे रख रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी बातें सुन क्यों नहीं रही है। उन पर हिंसात्मक कार्रवाई क्यों की जा रही है।
वहीं किसनों के उग्र होते प्रदर्शन को देख मेरठ से फोर्स मांगी गई है। जिनमें आठ दरोगा और 35 सिपाही यूपी दिल्ली बॉर्डर पर भेजे गए हैं। दो एडिशनल एसपी सहित काफी संख्या में पुलिस बल कल रात ही गाजियाबाद भेज दिया गया था। एडीजी जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि कानून व्यवस्था ठीक है। कोई विवाद या लाठीचार्ज नहीं हुआ है। किसानों की केंद्र सरकार से बात चल रही है। उन्होंने कहा कि मेरठ पुलिस ने किसानों पर कोई लाठी चार्ज नहीं किया है। दिल्ली बॉर्डर पर थोड़ा विवाद हुआ जिसमें किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। पूरे मेरठ जोन से पार करते हुए यूपी गेट पहुंचने तक रास्ते में कोई विवाद नहीं हुआ।
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This Govt has not fulfilled the promises it made to farmers, so it is all but natural that farmers would protest. It is unfortunate and we fully support the farmers: Akhilesh Yadav on #Kisankrantiyatra
किसानों के आंदोलन में समाजवादी पार्टी ने भी समर्थन दिया है। सपा के एमएलसी संजय लाठर और प्रवक्ता प्रोफेसर सुधीर पवार भी यूपी गेट के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्हीं के निर्देश पर हम दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के पास पहुंच रहे हैं। वहीं किसानों के आंदोलन को लेकर शामली में पुलिस अलर्ट हो गई है। आदर्श मंडी थाना पुलिस रेलवे स्टेशन के अलावा कई मुख्य स्थानों पर चौकसी बरती जा रही है।
इससे पहले देर रात यूपी सदन में गन्ना विकास राज्य मंत्री सरुश राणा और चौधरी लक्ष्मीनारायण ने किसान नेताओं के साथ दूसरे दौर की वार्ता की। लेकिन कोई हल नहीं निकला मंगलवार रात बारह बजे किसान नेता यूपी सदन से बाहर निकले। भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र ने बताया कि सभी मांगे केंद्र सरकार से संबंधित हैं इसलिए केंद्र सरकार के स्तर से ही हल निकलेगा। आज सुबह जैसे ही किसान क्रांति यात्रा दिल्ली की तरफ बढ़े दिल्ली प्रशासन ने किसानों को यूपी गेट पर रोक लिया।
यूपी सदन से निकलने के बाद साढ़े बारह बजे प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा और लक्ष्मीनारायण सिंह के साथ किसानों का 12 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह के 22 अकबर रोड दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचा जहां वार्ता जारी है। वार्ता में सरकार की तरफ से केंद्र सरकार के केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह, राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश सरकार से गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा,चौधरी लक्ष्मीनारायण,राज्यसभा सदस्य अनिल जैन शामिल हैं। रात एक घंटे की संयुक्त वार्ता के बाद कोई हल नहीं निकला और किसान अपनी मांगों पर अभी तक डटे हुए हैं।