सरूरपुर। किसानों के हित के लिए जारी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ न मिलने से किसानों में बेचैनी बढ़ गई है। आठ बीघे से नीचे की काश्त वाले किसान लेखपाल के पास खतौनी, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक जमा कर खाते में रुपये आने का इंतजार करते रहे। लेकिन अब तक धनराशि खाते में नहीं आने से मायूस हैं। किसानों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्षेत्र के कई किसानों के खाते में दो से तीन किस्त तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, कुछ किसान ऐसे भी हैं जो पहले किस्त की बाट जोह रहे हैं। किसानों के मुताबिक उन्होंने तहसील से लेकर बैंक तक कई बार चक्कर लगा लिए हैं। इतना हीं नहीं कुछ किसानों ने दो से तीन बाद भी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। फिर भी उन्हें किसान सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है। जसड़ सुल्तान नगर निवासी मुजम्मिल, पंकज चिंदौड़ी, यामीन दमगढ़ी, नीरज पूठ, संसार सिंह आदि ने बताया कि किसान सम्मान निधि का रुपया अब तक खाते में नहीं आया है। जबकि अभी जल्दी में आवेदन करने वाले किसानों के खातों में किस्त पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि लाभ के लिए बैंक और तहसील के चक्कर लगाकर परेशान हो चुके हैं। गांव डूंगर संजय ने बताया किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने से बहुत निराशा हुई हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। हर्रा निवासी अबरार ने बताया कि किसान सम्मान निधि के लिए बैंक का चक्कर लगा-लगा कर थक गए। कोई सुनने को तैयार नहीं है। वहीं, बीडीओ सरूरपुर विरेंद्र सिंह के मुताबिक किसानों के आधार और खाते में समान नहीं होने से सत्यापन नहीं होने के चलते किस्त नहीं पहुंच सकी है। सरकार की योजना तहत पात्र सभी किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिलेगा।