10 जुलाई की रात को पड़ोस में खाली पड़े मकान में मिला था लटका हुआ शव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र के पचपेड़ा में हुई फरीद की मौत के मामले में परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस को इस मामले में तहरीर भी दे दी गई है। इसके बावजूद पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। पुलिस ने जांच पड़ताल कर कार्रवाई करने की बात कही है।
पचपेड़ा निवासी फरीद के पिता साजिद एसएसपी अविनाश पांडेय और डीएम डॉ वीके सिंह से मिले। साजिद का आरोप है कि दस जुलाई की रात को उसके बेटे फरीद का शव उनके छोटे भाई आसिफ के घर पर मिला था। आसिफ का मकान खाली पड़ा हुआ है। 11 जुलाई को शव को दफना दिया था। साजिद का आरोप है कि उनके बेटे के पड़ोस में रहने वाली एक महिला से संबंध थे। जिसके पति ने बहाने से फरीद को अपने घर पर बुलाया और उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। करंट भी लगाया गया। उसकी मौत होने के बाद खाली पड़े मकान में शव को लटका दिया ताकि आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
डीएम के आदेश पर भावनपुर थाना पुलिस ने 30 जुलाई को शव को कब्रिस्तान से निकालकर पोस्टमार्टम कराया था। पीड़िता पिता का कहना है उसके बेटे की हत्यारोपी सभी गौ तस्कर हैं। पहले जेल भी जा चुके हैं। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने अभी तक उनकी तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। उसमें हैंगिंग आई है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर जांच की जा रही है।