परिजनों और भाकियू कार्यकर्ताओं का टोल प्लाजा पर हंगामा
मोदीपुरम। पांच माह पहले सिवाया टोल प्लाजा पर हुई किसान की मौत के मामले में जेल भेजे गए तीन टोल कर्मियों को लेकर पैरवी न करने व जेल से छुड़ाने को लेकर कोई सहायता न करने से क्षुब्ध परिजनों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को टोल प्लाजा पर हंगामा किया। उन्होंने टोल को फ्री कराते हुए जेल भेजे गए निर्दोष कर्मचारियों को छुड़ाने की मांग की। टोल अधिकारियों व पुलिस के आश्वासन पर भाकियू कार्यकर्ता शांत हुए।
तीन फरवरी को दुल्हैड़ा निवासी सोनू की दौराला चीनी मिल में गन्ना ले जाते समय टोल प्लाजा पर मौत हो गई थी। परिजनों ने टोल कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर टोल फ्री करा दिया था। इस मामले में पुलिस ने दादरी, अझौता व अलीपुर निवासी तीन टोल कर्मियों को जेल भेज दिया था। पुलिस ने टोल अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। शुक्रवार को इस मामले में तीनों कर्मियों के परिजन, ग्रामीण भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ टोल प्लाजा पर पहुंचे और हंगामा करते हुए टोल फ्री करा दिया। हंगामा व टोल फ्री होते देख टोल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, परंतु वह नहीं माने। टोल अधिकारी कार्यकर्ताओं के बीच वार्ता के लिए पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने टोल अधिकारियों पर तीनों टोल कर्मियों की जमानत न कराने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि तीनों टोल कर्मी निर्दोष हैं और टोल अधिकारी लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। घंटों चली वार्ता के बाद टोल अधिकारियों ने जल्द ही तीनों टोल कर्मियों की जमानत कराने का आश्वासन दिया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ दिए गए धरने को समाप्त कर दिया। चेतावनी दी यदि जल्द जमानत नहीं कराई तो दोबारा धरना दिया जाएगा। इस दौरान भाकियू नेता संजय दौरालिया, महकार आदि मौजूद रहे। टोल सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान भराला का कहना है कि कार्यकर्ताओं को जल्द जमानत का आश्वासन दिया है।