फर्जी पुलिस चौकी बनाकर करते थे वसूली
मोहकमपुर में फर्जी पुलिस चौकी का खुलासा ब्रह्मपुरी निवासी डेयरी संचालक नीरज पाल की शिकायत पर हुआ था। आरोप है कि गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को पकड़ते थे और पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी या मुठभेड़ का डर दिखाकर रुपये वसूलते थे।
सीओ, इंस्पेक्टर और दरोगा बनकर किया था अगवा
पुलिस जांच के अनुसार शशांक शर्मा खुद को सीओ बताता था, जबकि राहुल पाल इंस्पेक्टर और आकाश कुमार दरोगा की भूमिका निभाता था। आरोप है कि तीनों ने नीरज पाल का अपहरण कर उसे फर्जी पुलिस चौकी में रखा और दो लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने गूगल पे के जरिए 10 हजार रुपये अपने खाते में भी ट्रांसफर करा लिए थे।
खुफिया तंत्र पर भी उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय तक फर्जी पुलिस चौकी संचालित होने की जानकारी स्थानीय खुफिया इकाइयों को नहीं मिल सकी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
एसपी सिटी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि सर्विलांस टीम की मदद से शशांक का सही पता लगाया जा रहा है। उसकी कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।