पेट्रोल पंप को सील करते पुलिस अधिकारी
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में नकली पेट्रोल-डीजल बनाने वाले माफियाओं समेत 10 आरोपियों को बुधवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करने की बात कहकर दिन में तीन पेट्रोल पंप सील किए। लेकिन रात आठ बजे टीम के साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंचे जिला आपूर्ति अधिकारी ने सील खुलवा दी। जिसके बाद धड़ल्ले से फिर तेल बिकने लगा।
परतापुर और टीपीनगर क्षेत्र में थिनर और सॉलवेंट में रंग मिलाकर नकली पेट्रोल-डीजल बनाकर तेल माफिया राजीव जैन अपने और परिचितों के पेट्रोल पंपों पर सप्लाई कराता था। जांच में अजंता पेट्रोल पंप (भैसाली बस अड्डे के सामने), पीपी मोटर्स पेट्रोल पंप (बेगमपुल) व अजंता पेट्रोल पंप (टीपीनगर) में सबसे ज्यादा नकली पेट्रोल-डीजल सप्लाई करना बताया गया।
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वहीं पुलिस अफसरों के निर्देश पर तीनों पेट्रोल पंपों को सील किया गया। लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर रात आठ बजे जिला आपूर्ति विभाग ने पलीता लगा दिया। जिला आपूर्ति अधिकारी व उनकी टीम तीनों पेट्रोल पंपों पर पहुंची और सैंपल लेकर सील खोल दी। इसको लेकर नौकरशाहों पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के अनुसार अवैध कारोबार में शहर के प्रमुख लोग शामिल हैं। जांच के लिए एसआईटी गठित की है।