उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में नकली पेट्रोल-डीजल बनाने के प्रकरण में प्रशासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो गई है। शुक्रवार को डीएम अनिल ढींगरा ने एडीएम सिटी और एसपी सिटी को संयुक्त मजिस्ट्रियल जांच सौंपते हुए आपूर्ति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की गहनता से जांच के आदेश दिए।
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डीएम ने बताया कि मेसर्स पारस केमिकल्स ग्राम डूंगरावली, वेदव्यासपुरी दिल्ली रोड और गणपति पेट्रोकैम उद्योगपुरम परतापुर के गोदामों पर नकली तेल बनाकर अवैध कारोबार किया जा रहा था। इस प्रकरण में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने पर पूर्ति निरीक्षक सुनील भटनागर और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नरेंद्र सिंह को उनके तैनाती स्थल से हटाकर जिला आपूर्ति कार्यालय से संबद्ध किया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ को संस्तुति की है।
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बता दें कि इस पूरे प्रकरण को लेकर संयुक्त मजिस्ट्रियल जांच बैठाई है। अपर जिलाधिकारी नगर और एसपी सिटी को संयुक्त जांच अधिकारी नियुक्त किया है। इस जांच में वह संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता, उनकी भूमिका की विस्तार से जांच करेंगे।
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