सरधना। नगर के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी नाजिम के जिस मकान पर छापा मारकर पुलिस ने एक्सपायर दवाइयों का जखीरा पकड़ा था, उसी मकान से पुलिस ने दो ब्रांडेड कंपनियों के नकली नोजल व प्लंजर काफी संख्या में बरामद किए हैं। इसकी सूचना पुलिस द्वारा कंपनी को दी गई। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ कॉपी राइट एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
बुधवार को कंपनी के जांच अधिकारी टीकेश्वर नाथ झा ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ब्रांडेड कंपनी के नकली नोजल-प्लंजर मिले हैं। इन्हें सीज कर दिया गया है। कंपनी के अधिकारी ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। टीकेश्वर नाथ झा ने बताया कि वह ब्रांडेड कंपनी में जांच अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
पुलिस की सूचना पर वह बुधवार को सरधना पहुंचे। मामले की जांच के लिए वह मौके पर गए, जहां उन्हें उनकी कंपनी के करीब 1500 नकली नोजल-प्लंजर, 1800 स्टीकर, कंपनी के नाम के 1200 लोगो व खाली ढ़क्कन, 445 खाली गत्ते समेत काफी संख्या में कंपनी का नकली माल बरामद किया गया है। इसे मौके पर ही एक प्लास्टिक की बोरी में बंद कर सीज कर दिया गया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।
पुलिस ने तहरीर के आधार आरोपी नाजिम, कामिल, महताब निवासी इस्लामाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि एक्सपायर दवाइयों के बाद मौके से काफी संख्या में नकली नोजल व प्लंजर बरामद हुए हैं। कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-
धड़ल्ले से हो रहा नकली नोजल व प्लंजर का कारोबार
सरधना। कस्बा सरधना में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बाजार में नकली सामान बनाने का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। कम दाम में ज्यादा मुनाफे के लालच में कारोबारी इन सामानों को ग्राहकों को ब्रांडेड कंपनी का फर्जी टैग लगाते हुए बेच रहे हैं। ग्राहकों को खरीदारी संभलकर करनी होगी। जांच टीम ने बताया कि उन्हें काफी समय से कंपनी का नकली माल बनाने की सूचना मिल रही थी। बुधवार को कंपनी की जांच टीम यहां पहुंची। मौके पर लाखों की कीमत का माल मिला। जांच टीम के अनुसार यहां अवैध रूप से ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नोजल प प्लंजर बनाए जा रहे थे। ये नोजल-प्लंजर अधिकतर डीजल या अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई के समय प्रयोग किए जाते हैं। एक नोजल प्लंजर की कीमत 2000 रुपये या इससे अधिक बताई गई है। जिनको ब्रांडेड कंपनी का फर्जी टैग लगाकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। कंपनी का माल सस्ती दर पर मिलने का लाभ लेने के लिए कई लोकल कंपनियां दुकानदारों से सांठगांठ कर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर हू-ब-हू नकली सामान बेच रहे हैं। ग्राहक भी गुणवत्ता का ख्याल किए बिना ही सस्ते के चक्कर में नकली सामान खरीद लेते हैं। इसका खामियाजा लोगों को तब भुगतना पड़ता है, जब गुणवत्ता की कमी के चलते कोई दुर्घटना होती है या जांच के दौरान सामग्री मानक विहीन मिलती है। वहीं, पुलिस अब क्षेत्र में नकली नोजल-प्लंजर के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी करने में जुटी है।