मेरठ में एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने के मामले में राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग (एसजीएसटी) के पास अभी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। खुलासे के पांच दिन बाद भी यह पता नहीं चल सका है कि नकली किताबें छापने के लिए कागज और स्याही कहां से आ रही थी। अगर कागज और स्याही सप्लाई करने वाली फर्में जीएसटी विभाग में पंजीकृत हैं तो तभी जीएसटी लगाया जाएगा।
मंगलवार को एसजीएसटी अधिकारियों ने दोनों फर्मों की फाइलें खंगालीं। एसजीएसटी (एसआईबी) के एडिशनल कमिश्नर शशि भूषण सिंह ने बताया कि अनिता गुप्ता के नाम से टीएनएचके प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशन 22 जनवरी 2002 से पंजीकृत है।
पहले फर्म वैट में थी और अब एक जुलाई 2017 से जीएसटी में पंजीकृत है। रिटर्न भी लगातार फाइल कर रहे हैं। मार्च का आखिरी रिटर्न 22 जुलाई 2020 को फाइल किया गया है। बाकी पिछले रिटर्न भी फाइल हुए हैं। वैट में पहले इनका पता विजय नगर वेस्टर्न कचहरी रोड का लिखा हुआ था। अब जीएसटी में मोहकमपुर का पता है।