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विवादों में फैज ए आम इंटर कॉलेज, लखनऊ तक शिकायत

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मेरठ। बिना अनुमति फैज ए आम इंटर कॉलेज में पहले सभा और उसके बाद कॉलेज से निकाले गए जुलूस और बवाल की घटना का मुख्य आरोपी बदर अली जेल चला गया। वहीं कॉलेज भी विवादों के घेरे में है। जब कॉलेज मैनेजमेंट फंसने लगा तो मैनेजर ने युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली के खिलाफ देहलीगेट थाने में भी एफआईआर दर्ज करा दी।
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सच संस्था अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संदीप पहल ने शासन से फैज ए आम इंटर कॉलेज के खिलाफ शिकायत की है। संदीप पहल ने आरोप लगाया कि पूर्व में इस कॉलेज में हॉस्टल का एक प्रकरण आया था। जिसमें सामने आया था कि हॉस्टल में बाहरी लोग अवैध तरीके से रहते हैं। इसकी जांच भी हुई थी।
30 जून को युवा सेवा समिति के अध्यक्ष ने कई हजार लोग जुटाकर बिना अनुमति बैठक की। कॉलेज की सभा से ही शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा देने के लिए है, लेकिन यहां कुछ लोगों ने गैर कानूनी काम शुरू कर दिए हैं। युवा सेवा समिति का ऑफिस कॉलेज में क्यों बना है। इस ऑफिस को कॉलेज से बाहर करने की बात कही गई है।
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संदीप पहल ने यह भी आरोप लगाया कि यहां एक पूर्व विधायक ने सपा का कैंप कार्यालय बना रखा है। कॉलेज में कई नेता समेत आठ लोग अवैध तरीके से रह रहे हैं। कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य व पूर्व विधायक यहां गलत तरीके से रहे हैं। पूर्व प्रधनाचार्य के बेटे यहां शिक्षक हैं, तो उन्हें शिक्षक का आवास आवंटित होना चाहिए। संदीप पहल ने कहा कि यदि कॉलेज प्रबंधन बाहरी लोगों को यहां से बाहर का रास्ता नहीं दिखा पाता है तो वह शासन का रिसीवर बैठाकर सरकार से बाहरी लोगों को बाहर कराएंगे। कॉलेज में कोई भी गलत कार्य या माहौल बिगाड़ने की सभा गलत है।
मामले में फैज ए आम इंटर कॉलेज के मैनेजर मिस्बाउद्दीन सिद्दकी का कहना है कि युवा सेवा समिति का कार्यालय अवैध है। इसे बंद कराया जाएगा। पूर्व विधायक ने यहां पार्टी का ऑफिस बना रखा है। इसे हटाने के लिए कहा गया है। पूर्व विधायक आवास में रह सकते हैं, क्योंकि उनका बेटा शिक्षक है। 30 जून को युवा सेवा समिति के लेटरपेड पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन जब एसओ देहलीगेट ने मुझे नोटिस दिया तो श्रद्धांजलि की अनुमति कैंसिल कराकर एफआईआर दर्ज करा दी थी।
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