बिजनौर। गेहूं कटाई से पहले ही जिले की कुछ पेपर फैक्टरी गेहूं के भूसे की खरीदारी कर रहीं हैं। जिले में गेहूं का भूसा 16 सौ से 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल भाव पहुंच रहा है। जब गेहूं कटाई का समय नजदीक है। किसान संगठन फैक्टरियों द्वारा भूसा खरीदने की शिकायत प्रशासन से कर चुके हैं।
बिजनौर जनपद में दो लाख 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल गन्ने की फसल होती है। दूसरे नंबर पर करीब 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल होती है। इस बार प्रकृति की मार कहें या गन्ना रोग ग्रस्त होने से किसानों के सामने पशुचारे का बड़ा संकट है। गन्ना रोग ग्रस्त होने से अगोला भी सूखा एवं मौसम अनुकूल न होने गेहूं उत्पादन भी कम होने की संभावना है।
किसान नेता अतुल कुमार, राजीव कुमार, अमित कुमार का कहना है कि इस साल भूसे पर संकट के पीछे कई कारण हैं। इसमें बारिश की कमी और पशु चारे की बढ़ती मांग शामिल है।
जिले में पशु चारे के दाम 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल व उसे ज्यादा पहुंच गए हैं। किसान प्रतिनिधि मंडल ने कृषि विभाग व तहसील अफसरों से शिकायत भी की है। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष चौधरी नितिन सिरोही ने कहा कि भूसे की कालाबाजारी रोकने के लिए संगठन के पदाधिकारी फैक्टरियों की निगरानी कर रहे हैं। कहा कि गन्ना रोग ग्रस्त होने से न सिर्फ गन्ना उत्पादन कम हो रहा है, बल्कि अगोला कम उतर रहा है।