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खिलाड़ियों की बेकदरी: सुविधाएं तो दूर, खिलाड़ियों को पानी तक नहीं मिला, साढ़े तीन घंटे देरी से शुरू हुई प्रतियोगिता 

Tue, 12 Jan 2021 02:15 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

राज्य स्तरीय एथलेटिक प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से 3-3 सौ रुपये ली गई एंट्री फीस
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स्टेडियम के बाहर बैठे एथलीट - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले तो इवेंट साढ़े तीन घंटे देरी से शुरू हुए, दूसरा खिलाड़ियों को मैदान में पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। रात में जागने के कारण कई खिलाड़ी स्टेडियम में ही सोते नजर आए। 
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अलग-अलग इवेंट के लिए प्रदेश भर से करीब साढ़े 7 सौ खिलाड़ियों ने पंजीकरण के लिए 3-3 सौ रुपये शुल्क दिया था, लेकिन कोई सुविधा नहीं दी। जिला संघ ने करीब 2 लाख 25 हजार रुपये खिलाड़ियों से शुल्क एकत्र किया। उन्हें पानी और केले की व्यवस्था की जा सकती थी। खिलाड़ियों ने स्टेडियम में ही लगे स्टॉल से पानी, चाय और ऑमलेट अपने पैसों से खरीदकर भूख मिटाई। 

परिजन, बोले पहले बालिका वर्ग के होते इवेंट 
मथुरा निवासी अमरावती ने बताया उसकी बेटी व एक पोती दौड़ में भाग लेने आई हैं। रात में स्टेडियम पहुंचे तो गेट बंद मिला। बेटियों के साथ कुछ घटना हो जाती कौन जिम्मेदार होता। लेकिन किसी को रहम नहीं आया। हमने एक होटल में कमरा लिया। पहले दिन शुरू में लड़कियों के इवेंट करा देने चाहिए थे। लेकिन 100 मीटर बालक वर्ग के इवेंट खत्म करने के बाद लड़कियों के इवेंट करीब साढ़े 3 बजे शुरू कराए गए। बागपत से बेटी को लेकर आई रिंकी ने खिलाड़ियों के साथ अच्छा व्यवहार न होने की बात कही।
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बाइकों के चालान काटे 
शाम में पुलिस ने स्टेडियम में घुसकर जाति सूचक शब्द लिखी गाड़ियों के चालान काट डाले। इनमें अधिकांश बाइकें खिलाड़ियों की थीं। 
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सिंथेटिक ट्रैक के खिलाड़ी दौड़े घास पर
लखनऊ से 4 सौ मीटर दौड़ में प्रतिभाग करने पहुंचे आंनद ने बताया कि हम सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास करते हैं, लेकिन यहां पर घास पर दौड़ना पड़ा। इसका असर प्रदर्शन पड़ा। क्योंकि घास के मैदान पर रफ्तार कम हो जाती है। 

कई खिलाड़ियों की मांस-पेशियों में आया खिंचाव 
सिंथेटिक ट्रैक के बिना राज्य स्तरीय एथलेटिक प्रतियोगिता कराना कुछ खिलाड़ियों को भारी पड़ गया। अलग-अलग इवेंट में दौड़ रहे 10 ज्यादा खिलाड़ियों की मांस-पेशियों  में खिंचाव आ गया। 100 मीटर में ट्रैक कुछ ऊंचा-नीचा दिखा तो 400 मीटर के ट्रैक में कुछ जगह छोटे-छोटे गड्ढे नजर आए।

लखनऊ में होनी थी चैंपियनशिप
चैंपियनशिप 17 जनवरी को लखनऊ में प्रस्तावित थी, लेकिन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 6 दिन पहले जगह बदलाव के साथ आयोजित कराने की घोषणा ने खिलाड़ियों को झटका दे दिया। उप्र एथलेटिक संघ के इस निर्णय से ठंड की मार से खिलाड़ी परेशान हुए। 

पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तरीय उपकरणों का इस्तेमाल
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तरीय उपकरणों का इस्तेमाल हुआ। जिला संघ सचिव अनु कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में इलेक्ट्रॉनिक फोटो फेसटाइमिंग सिस्टम और दूरी नापने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिस्टेंस मेजरमेंट मशीन का प्रयोग किया गया। कल होने वाली प्रतियोगिताओं में 200 मीटर सभी वर्ग में 1500 मीटर सभी वर्ग में एवं त्रिकूद की स्पर्धाएं होंगी। तकनीकी स्टाफ में अरुण कुमार, अजय कश्यप, पंकज कुमार, तरुण तोमर, विजय शर्मा, मुनेंद्र तेवतिया, सत्य प्रकाश शर्मा, उपदेश कुमार, उपेंद्र शेखर कपासिया, पुष्पेंद्र, अरुण कुमार, कपिल चौधरी मौजूद रहे।
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