खतरे वाले लक्षण
- 40 साल की उम्र के बाद सिर दर्द की शुरुआत
- बार-बार व तेज दर्द होना एवं दर्द केप्रकार में बदलाव होना
- अचनाक से दर्द की शुरुआत होना
- व्यवहार में बदलाव होना
- सिर दर्द केसाथ बुखार, गर्दन का अकड़ना, चक्कर आना, हाथों-पैरों में कमजोरी आना
- सिर की चोट के बाद दर्द होना
लगातार दवाई लेना खतरनाक
लगातार पेनकिलर लेना खतरनाक साबित हो रहा है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता तो प्रभावित हो ही रही है। साइड इफेक्ट भी सामने आ रहे हैं।
हर सिरदर्द नहीं खतरनाक
माइग्रेन (सिरदर्द) के वार से सावधान रहने की जरूरत है। सिरदर्द अगर ज्यादा होता हो तो हल्के में न लें। खुद दवाइयां न लें। चिकित्सक से संपर्क करें। लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए आठ सितंबर तक माइग्रेन सप्ताह मनाया जा रहा है। 30 साल से कम उम्र में सिरदर्द होना, इसके तरीके में बदलाव न होना और शारीरिक जांच में कोई कमी न आना खतरनाक नहीं माना जाता। करीब पांच प्रतिशत लोगों में खतरनाक बीमारी के कारण सिरदर्द होता है, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राणा बताते हैं कि करीब 200 से ज्यादा तरह के सिरदर्द होते हैं। इसमें तनाव, डिप्रेशन से सिरदर्द शामिल हैं। दूसरा प्रमुख सिरदर्द माइग्रेन है। बीमारी के कारण सिरदर्द खतरनाक होता है। जैसे ट्यूमर, खून की नस का फटना आदि। माइग्रेन का दर्द महिलाओं में ज्यादा होता है। मनोचिकित्सक डॉ. भूपेंद्र चौधरी बताते हैं कि माइग्रेन को दो में से एक व्यक्ति का मानना होता है कि उसे सामान्य सिर दर्द है। यह विश्व का तीसरा सबसे आम रोग है। करीब 90 प्रतिशत लोग चिकित्सक से बिना परामर्श लिए दवाइयां ले लेते हैं।
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